आगरा में हवा से बात करना इस नौजवान की जिंदगी का अहम हिस्सा है। रफ्तार से खेलना उसकी आदत में शुमार है। धीमी रफ्तार इसे पसंद नहीं है।
इस वजह उसे लोग ‘रफ्तार का बादशाह’ कहते हैं। रफ्तार के इस बादशाह का नाम है शहान अली मोहसिन। कॉर्टिंग रेस में शहान ने काफी कम उम्र में वह मुकाम हासिल किया है, जिस मुकाम को पाने में कार्टिंग रेसर सालों लगा देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कई चैंपियनशिप जीत चुके शहान का मकसद दुनिया के कार्टिंग रेसिंग के सभी रिकॉर्ड तोड़ना है। मोटर रेसिंग के पहले चरण में ही शहान के कारनामे सात साल की उम्र से ही लोगों को दिखाई देने लगे।
उन्होंने सन 2012 में पहली बार कार्टिंग की ट्रेनिंग ली। शहान के कार्टिंग जुनून का ही नतीजा है कि वह सन 2016 में कार्टिंग रेस के पहले एशियन चैंपियन बने।
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किसी भी आयु वर्ग में अभी तक कोई भी भारतीय ड्राइवर एशियन कार्टिंग चैंपियन नहीं बन सका है। शहर के इस बेटे को 2016 में राष्ट्रीय स्तर का ‘ड्राइवर ऑफ द ईयर’ का खिताब मिल चुका है।
शहान अली मोहसिन का कहना है कि जिंदगी में रफ्तार के बिना कुछ भी नहीं है। रिकॉर्ड टूटने के लिए बनते हैं। कोशिश कर रहा हूं कि ऐसा रिकॉर्ड बनाऊं, जिसे तोड़ने में दुनिया के किसी भी कार्टिंग ड्राइवर को सालों लग जाएं।
इस साल मार्च में इटली में आयोजित कार्टिंग रेस के दौरान शहान अली मोहिसन घायल हो गए थे, उनकी पसली में चोट आई थी। इसे ठीक होने में उन्हें तीन महीने का समय लग गया।
इटली में चैंपियनशिप बीच में ही छोड़कर उन्हें भारत लौटना पड़ा। शहान अब पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। वह अगले हफ्ते बंगलौर में होने वाली एक्स-30 इंडिया चैलेंज कार्टिंग रेस में फिर ट्रैक पर रफ्तार भरते दिखाई देंगे।
ये भी जानें
कॅरियर: शहान अली मोहसिन
पर्दापण: मई 2013 (रूकी कप, हैदराबाद)
रेस: 59
पोडियम्स: 40
विजेता: 13
रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड
2015 में ड्राइवर ऑफ द ईयर
2015 में इंडियन नेशनल कार्टिंग चैंपियन
2016 में इंडियन नेशनल रोटेक्स मेक्स कार्ट ओपन चैंपियन
2016 में इंडियन नेशनल कार्टिंग चैंपियन
2016 में ड्राइवर ऑफ द ईयर
2016 में एशियन कार्टिंग चैंपियन
2017 में रोटेक्स मेक्स जूनियर कार्ट ओपन चैंपियन