माध्यमिक स्कूलों और कॉलेजों में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती पर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि शिक्षण संस्थानों में दो दिवसीय (24 व 25 दिसंबर) कार्यक्रम कराए जाएंगे। कविता पाठ, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिताएं करानी हैं।
शासन स्तर से जारी पत्र में कहा गया कि अटल बिहारी वाजपेयी, कवि, पत्रकार, राजनेता के साथ विशिष्ट व्यक्तित्व के धनी थे। अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक नाम और व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के प्रतिनिधि भी हैं।
वर्तमान युग में ऐसे राजनेता विरले हैं, जिनके भाषणों की एक-एक पंक्तियां और शब्द लोग याद रखें। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।
आगरा के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविंद कुमार पांडेय का कहना है कि शासनादेश का अनुपालन किया जाएगा, विद्यालयों में कार्यक्रम कराए जाएंगे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालय में भी जयंती महोत्सव मनाया जाएगा।
यह विषय निर्धारित किए गए हैं
भाषण प्रतियोगिता का विषय ‘कवि हृदय, राजनेता: भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी’ है। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय ‘राष्ट्रवाद से बड़ा कोई धर्म नहीं’ है। माध्यमिक स्कूल और महाविद्यालय अपने स्तर से विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र व पुरस्कार देंगे।