मैनपुरी। एक्सप्रेस वे पर बुधवार रात हादसा तो बड़ा हुआ, लेकिन गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। माना जा रहा है कि बस की रफ्तार कम होने और ट्रक के खड़े न होने के कारण यात्री सुरक्षित बच गए। हालांकि मैनपुरी में भी बीते वर्षों में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं।
एआरटीओ की ओर से की गई जांच में बताया गया है कि हादसे के वक्त बस की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रही होगी। हाईवे प्रशासन से बस की डिटेल मांगी गई है। साथ ही जिस ट्रक से हादसा हुआ वह चल रहा था। खुद बस में सवार यात्रियों का कहना था कि अगर ट्रक खड़ा होता या फिर बस की रफ्तार अधिक होती तो लोगों की जान भी जा सकती थी। हादसे के वक्त बस में सवार दीपक कुमार निवासी कोटीहवा, नेपाल ने बताया कि अपनी सीटों पर बैठे हुए सभी यात्री सो रहे थे, इसी बीच तेज झटके के साथ धमाका हुआ। कोई कुछ समय पता, इससे पहले ही चीख पुकार मच गई। सड़क से गुजर रहे लोगों ने अपनी गाड़ियां रोककर लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इसी बीच पुलिस और ग्रामीण आ गए।
मैनपुरी में हुए बड़े हादसे
-13 जून 2018 को थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव कीरतपुर के पास जयपुर से फर्रुखाबाद जा रही स्लीपर बस पलट गई थी। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी।
-25 मार्च 2019 को करहल क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर दिल्ली से लखनऊ जा रही एसी बस में आग लग गई थी। आग इतनी भयानक थी एक महिला चिकित्सक समेत चार लोग इस आग में जिंदा जल गए थे।
-21 अप्रैल 2019 को एक्सप्रेस वे पर हुए सड़क हादसे मस् बस में सवार सात लोगों की मौत हो गई, वहीं 34 लोग घायल हो गए।
-23 जून 2019 को किशनी क्षेत्र में बस पलटने से हुए बस हादसे में एक महिला और मासूम को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
जांच में कागजात ठीक निकले
बस हादसे की खबर मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री से लेकर परिवहन मंत्री ने जिला प्रशासन ने जानकारी ली। एआरटीओ की ओर से की गई जांच में बस के कागजात ठीक होने की बात कही गई है। बस क्राउन बस सर्विस के नाम पर रजिस्टर्ड है। फिटनेस 27 दिसंबर 2021 तक मान्य है। वहीं बीमा 29 नवंबर 2020 तक है।