मैनपुरी। गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद से ही निर्माण कार्यों को लेकर शासन और प्रशासन सतर्क है। इसी के चलते अब मनरेगा के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। इसके लिए अपर आयुक्त मनरेगा की ओर से जिला प्रशासन को पत्र जारी किया है।
ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों में कई कार्य मनरेगा के तहत कराए जा रहे हैं। इसमें सामुदायिक शौचालय निर्माण, पंचायत घर निर्माण, कैटिल शेड व अन्य कई कार्य शामिल हैं। अन्य निर्माण परियोजनाओं में भी मनरेगा से श्रमांश का भुगतान किया जाता है। इन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए शासन ने आदेश जारी किया है।
अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मनरेगा से हो रहे निर्माण कार्यों में कार्य समापन के बाद सक्षम अधिकारियों से गुणवत्ता की जांच करा ली जाए। इसके लिए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग या फिर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से जांच कराई जा सकती है। जांच में गुणवत्ता ठीक पाए जाने पर ही भवन का लोकार्पण किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। आदेश आने के बाद मनरेगा विभाग वर्तमान में चल रहे कार्यों में से पूर्ण हो चुके कार्यों को चिह्नित करने में जुट गया है।
वर्जन
सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने का प्रयास रहता है। शासन का आदेश मिला है, जो भी कार्य मनरेगा से हो रहे हैं उनकी गुणवत्ता की जांच कराने के बाद ही उन्हें आमजन के उपयोग के लिए सौंपा जाएगा।
रंजीत सिंह, डीसी मनरेगा।