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ऐसे फल खा रहे हैं तो हो जाएं सावधान!, पपीता खाकर मरी थीं 12 गाय

Wed, 15 May 2019 04:13 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आम - फोटो : अमर उजाला
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कैल्शियम कार्बाइड में पके फल खाने से बीमारी का खतरा बढ़ गया है। प्रतिबंध के बावजूद भी फल विक्रेता फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आम और पपीता पकाने में इसका उपयोग किया जा रहा है। इनकी रोकथाम के लिए अभी तक कोई कवायद नहीं की गई है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के नियमानुसार फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर प्रतिबंध है। यहां तक कि इसकी बिक्री, खरीद और भंडारण पर भी सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद भी फलों को पकाने में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

एफएसडीए भी इसकी रोकथाम में नाकाम है। विभाग ने अभी आम-पपीता का नमूना लेकर लैब में जांच नहीं कराई है। जिला अभिहित अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि फल विक्रेताओं के यहां छापेमारी कराई जाएगी, यहां से फलों के नमूने लेकर जांच के लिए भी भेजे जाएंगे।
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पिछले दिनों ही फाउंड्री नगर स्थित राधाकृष्ण गोशाला में 60 गाय बीमार पड़ गई और 12 ने दम तोड़ दिया था। जब पशु विभाग ने इनका पोस्टमार्टम कराया तो इनकी मौत की वजह कैल्शियम कार्बाइड से पके पपीता और इसके छिलके खाना निकली।  

किडनी, लिवर की बीमारियों का रहता है खतरा
कैल्शियम कार्बाइड के पानी के संपर्क में आने पर जहरीली गैस निकलती है। एसएन मेडिकल कालेज के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अपूर्व जैन बताते हैं कि केमिकल में फल पकाने से यह प्रभावित हो जाता है। इसको खाने से किडनी, लिवर और स्नायु तंत्र की बीमारियां होने का अधिक खतरा रहता है। चक्कर आना, सिरदर्द, दिमागी सूजन, मिर्गी होने की भी आशंका रहती है। 

यह बरतें सावधानी
- फलों को धोने के बाद ही खाएं। 
- फलों का छिलका उतारकर खाएं। 
- धब्बे लगे फलों को खरीदने से बचें। 
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