सिकंदरा वाटर वर्क्स से जीवनीमंडी जलकल तक डाली जा रही है लाइन
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सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष गर्मियों में शहर को पेयजल की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। बहुप्रतीक्षित गंगाजल प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। जल निगम ने सिकंदरा वाटर वर्क्स से जीवनी मंडी वाटर वर्क्स तक पाइप लाइन डालने काम तेज कर दिया। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि पाइप लाइन का कार्य मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि गर्मियों में शहर में पेयजल की भीषण किल्लत हो जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए बुलंदशहर के पालड़ा फाल से पाइप लाइन के जरिए 150 क्यूसेक गंगाजल लाया जा रहा है। इसमें से 10 क्यूसेक पानी मथुरा शहर को सप्लाई किया जाएगा। शेष 80 क्यूसेक जीवनीमंडी वाटर वर्क्स और 60 क्यूसेक पानी सिकंदरा वाटर वर्क्स को दिया जाएगा। यमुना के ट्रीटेड पानी में गंगाजल मिलाकर शहर को सप्लाई किया जाएगा। इससे पानी की क्षमता के साथ गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बुलंदशहर से सिकंदरा तक पाइप लाइन का कार्य अंतिम चरण में है, वहीं शहर में भी लाइन डालने का काम तेज हो गया है। दयालबाग के मंगलम स्टेट तक पानी की लाइन पहुंच गई है। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके पंकज का कहना है कि पाइप लाइन का कार्य मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
सुरक्षा से किया जा रहा खिलवाड़
जल निगम के अधिकारी पाइप लाइन को डलवा रहे हैं लेकिन आम आदमी और मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। पाइप लाइन के लिए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे खोदे जा रहे हैं लेकिन गड्ढों के आसपास बेरीकेडिंग तक नहीं जा रही है। मंगलम एस्टेट के पास यमुना के खादरों की जमीन है। रेतीली जमीन होने के कारण मिट्टी कभी धंस जाती है। इससे वहां काम रहे मजदूरों को तो खतरा हो सकता है आम आदमी के लिए ये गड्ढे समस्या बन सकते हैं। लेकिन न तो ठेकेदार इस ओर ध्यान दे रहा है और ना ही जल निगम के अधिकारी। प्रोजेक्ट मैनेजर ने आरके पंकज ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।