एटा। जिले के 1691 परिषदीय विद्यालयों की स्कूल प्रबंध समितियां (एसएमसी) 29 नवंबर को भंग कर दी जाएंगी। 30 नवंबर को नए सिरे से गठन किया जाएगा। नई समितियों में 50 प्रतिशत महिलाओं और 75 प्रतिशत अभिभावकों की भागीदारी अनिवार्य होगी। अब न्यूनतम 15 और अधिकतम 25 सदस्य होंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यालयों में स्कूल प्रबंध समिति का गठन प्रत्येक दो वर्ष में किया जाता है। शैक्षिक सत्र 2024-25 और 2025-26 का कार्यकाल पूरा होने के बाद पुरानी समितियां भंग की जाएंगी। इसके बाद नई समिति के खाते में आने वाली अनुदान राशि भेजी जाएगी। इससे विद्यालयों में छोटे-बड़े रखरखाव, मरम्मत और अन्य स्वीकृत कार्यों के लिए अलग-अलग बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई एसएमसी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी नजर रखेगी।
समिति स्कूल में नामांकन बढ़ाने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षकों की मौजूदगी और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। अनुदान राशि के सही इस्तेमाल पर भी समिति की नजर रहेगी। एक नवंबर से शुरू होगी गठन प्रक्रिया- परिषदीय और पीएमश्री विद्यालयों में नई स्कूल प्रबंध समितियों के गठन की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू होगी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन अभिभावकों में से किया जाएगा। इनमें से एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। एएनएम और लेखपाल भी समिति के सदस्य होंगे, जबकि प्रधानाध्यापक समिति के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे विद्यालय की व्यवस्थाओं में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। संवाद