शातिर ने प्रधानमंत्री नारी सशक्तीकरण योजना का हवाला देते हुए महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसे कौशल का प्रशिक्षण देने और घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराने का लालच दिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आजीवन हर महीने 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया गया था।
नारी सशक्तीकरण योजना का लाभ दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी अरुण कुमार अग्निहोत्री उर्फ पंकज अग्निहोत्री पर सदर थाने से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मास्टरमाइंड ने प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों की करीब 32 हजार महिलाओं को अपना शिकार बनाया, जिसमें आगरा की 1,650 महिलाएं भी शामिल हैं। कुल ठगी की राशि 2.72 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है।
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डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि वर्ष 2020 में आगरा के सदर इलाके की डिफेंस कॉलोनी निवासी मीना पाठक और अन्य महिलाओं ने इस धोखाधड़ी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शाहजहांपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी अरुण कुमार अग्निहोत्री ने अपने साथियों के साथ मिलकर सार्थक वेलफेयर सोसाइटी के नाम से कार्यालय खोला था। इस संस्था को नीति आयोग से पंजीकृत होने का दावा किया गया था, जिससे लोगों का विश्वास जीतना आसान हो गया।
आरोपी ने प्रधानमंत्री नारी सशक्तीकरण योजना का हवाला देते हुए महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसे कौशल का प्रशिक्षण देने और घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराने का लालच दिया। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आजीवन हर महीने 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया गया था। यह प्रलोभन विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए आकर्षक था जो आर्थिक रूप से कमजोर थीं और स्वरोजगार की तलाश में थीं।
ठगी के इस जाल को फैलाने के लिए, आरोपी ने एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग (चेन सिस्टम) की तर्ज पर योजना बनाई। प्रत्येक महिला को 20-25 छात्राओं को प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य दिया गया और सभी छात्राओं के नाम पर 740 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में जमा कराने को कहा गया। इसके एवज में, तीन महीने बाद प्रति छात्रा 2 हजार रुपये का चेक और एक किट देने का भी वादा किया गया था। इस तरह, महिलाओं को न केवल अपनी राशि लगानी पड़ी, बल्कि नए लोगों को जोड़कर कमीशन कमाने का भी लालच दिया गया, जिसने इस धोखाधड़ी के प्रसार को और तेज कर दिया। पीड़ित महिलाओं ने घर-घर जाकर मीटिंग की और अपने परिचितों व अन्य महिलाओं को इस योजना से जोड़ा। इस प्रकार, एक बड़ा समूह तैयार हो गया। हालांकि, सितंबर 2020 में, संस्था का कार्यालय अचानक बंद कर दिया गया और सभी आरोपी फरार हो गए, जिससे हजारों महिलाओं को भारी नुकसान हुआ।
गिरफ्तारी और इनाम की घोषणा
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और धीरे-धीरे इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ना शुरू किया। वर्ष 2020 में एक आरोपी यशवंत, 2023 में अमित और 2025 में अवनीशपाल को गिरफ्तार किया गया था। मुख्य आरोपी अरुण अग्निहोत्री पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हाल ही में, पुलिस की एक विशेष टीम ने लखनऊ के माधव ग्रीन्स कॉलोनी से आरोपी की कार का पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के एक अन्य साथी, आकाश सक्सेना की तलाश अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपी अरुण अग्निहोत्री पर मध्य प्रदेश के इंदौर सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 14 मामले दर्ज हैं। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।