घटना से सहमे बच्चे और पत्नी
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संगीता गुप्ता की मानें तो उसका पति हरिओम पिछले तीन माह से शराब पीकर उसके साथ मारपीट कर रहा है। बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे हरिओम गुप्ता ने संगीता से झगड़ा किया, तो संगीता और उसका बेटा रोहित घर से बाहर निकलकर पड़ोस के घर में चले गए।
बेटी सलोनी पास के मकान में किसी काम से गई थी। इसी दौरान उसने दिव्यांग बेटा मोहित व सबसे छोटे बेटे सोहित को एक कमरे में बंद करके घर में पेट्रोल छिड़क कर तीन कमरों में आग लगा दी। आग लगते ही मकान के अंदर से लपटें व धुआं उठना शुरू हो गया।
मकान में आग लगने की जानकारी होते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए। पत्नी संगीता व बेटी भागते हुए पहुंचे तो देखा कि दो बेटे मकान के अंदर बंद थे। मोहल्ले के लोगों ने खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला। दिव्यांग बेटे मोहित और सोहित को बाहर निकाला।
लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। फायर ब्रिगेड को फोन किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। थाना लाइनपार एसएचओ गीता सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने पति हरिओम गुप्ता को हिरासत में ले लिया है।
घटना की जानकारी होने के बाद पत्नी संगीता गुप्ता, बेटी सलोनी के साथ मोहल्ले के लोग दरवाजा पीटते रहे। हरिओम गुप्ता से गेट खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हरिओम ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद लोग जंगला तोड़कर अंदर घुसे और दरवाजा खोला। बेटों को बाहर निकाला और आग बुझानी शुरू की।
एसएचओ गीता सिंह ने बताया कि नगला बिश्नू में हरिओम गुप्ता ने दो बेटों को कमरे में बंद करके पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली थी। घरेलू सामान के साथ एक लाख के करीब नकदी जल गई है। तहरीर के आधार पर अभियोग दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।