आगरा में प्रसव के दौरान पत्नी की मौत के बाद पति ने आशा कार्यकर्ता और निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कार्रवाई न होने पर उसने 10 मार्च को लखनऊ में डीजीपी कार्यालय के सामने बेटी के साथ आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र के दौरेठा की सत्यपुरम कॉलाेनी निवासी धीरज कुमार ने गर्भवती पत्नी की मौत के बाद आशा कार्यकर्ता और निजी अस्पताल के कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर 10 मार्च को लखनऊ में डीजीपी कार्यालय परिसर में बेटी के साथ आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
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धीरज कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता ने बोदला के एक निजी अस्पताल में 21 फरवरी को भर्ती करवाया था। पत्नी का ऑपरेशन हुआ और मृत बच्चा हुआ। आठ घंटे बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने जांच के बहाने एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया और चले गए।
तबीयत में सुधार नहीं होने पर पत्नी को दूसरे अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने बताया कि काफी संक्रमण हो चुका है। बचना मुश्किल है। वह पत्नी को दोबारा उसी निजी अस्पताल में लेकर गए। वहां पुलिस आ गई और अस्पताल के कर्मचारियों ने बहाना बनाकर दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवा दिया। 24 फरवरी को पत्नी की मृत्यु हो गई।
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धीरज का आरोप है कि आशा ने कमीशन के लालच में पत्नी को गलत जगह भर्ती कराया। उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की है। साथ ही आत्मदाह की चेतावनी भी दी है। वहीं पीड़ित की गुहार पर कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या ने डीसीपी सिटी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।