थानाध्यक्ष एलाऊ सुनील भारद्वाज ने बताया कि शनिवार की देर शाम एक व्यक्ति के जलने के संबंध में जानकारी मिली थी। घटना के संबंध में मृतक के परिजन ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
सुरेश ने शरीर पर लगाया था ज्वलनशील पदार्थ
गांव इलाहबांस निवासी सुरेश शाक्य अक्सर शराब पीता था, पत्नी व अन्य परिजन उसे ऐसा करने से मना करते थे। इसके चलते वह कुछ दिन से नाराज होकर अलग रहने की बात कह रहा था। शनिवार को भी रोजाना की तरह शराब पी थी। पत्नी, पुत्र व बहू घर में सो रहीं थीं, इस बीच सुरेश ने खुद को खत्म करने की ठान ली। उसने छोटी सी दुकान के अंदर साइकिल का पंचर जोड़ने के लिए रखे गए ज्वलनशील ट्यूब को शरीर पर मल लिया ताकि उसके बचने की कोई उम्मीद न रहे।
आग लगने के दौरान कोई समय पर बचाने के लिए न आ सके, इसके लिए दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया था। इतना ही नहीं चेहरे को अंगौछे से बांधने के साथ ही मुंह को कस रखा था, ताकि आवाज बाहर न जा सके। आग की तपिश शायद बर्दाश्त से बाहर हो गई, तभी सुरेश की चीख निकली और परिजन जाग गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सुरेश ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसको लेकर घरवाले सिर्फ नाराजगी की बात कह रहे हैं। वह वजह क्या रही यह राज सुरेश के साथ ही जल गया।