फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैनपुरी: साइकिल मिस्त्री ने खौफनाक तरीके से दी जान, दुकान में बंदकर खुद को जिंदा जलाया

Sun, 27 Mar 2022 08:02 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र में परिवार से नाराज एक व्यक्ति ने खौफनाक कदम उठा लिया। उसने खुद को दुकान में बंदकर आग लगा ली। जिससे जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र के इलाहबांस में शनिवार की रात साइकिल मिस्त्री ने खुद को दुकान में बंद कर आग लगा ली। चीख सुनकर परिजन दुकान पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा, तब तक मिस्त्री की मौत हो चुकी थी। परिजन ने बताया कि वह किसी बात पर नाराज चल रहे थे। बगैर पुलिस कार्रवाई परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया।

विज्ञापन


55 वर्षीय सुरेश शाक्य घर के बाहर ही साइकिल मरम्मत की दुकान करते थे। बीते कुछ दिन से किसी बात को लेकर परिजन से नाराज चल रहे थे। इस कारण किसी से अधिक बात भी नहीं कर रहे थे। शनिवार की रात खाना खाने के बाद रोजाना की तरह दुकान पर आकर सो गए। रात को करीब एक बजे सुरेश ने मुंह पर कपड़ा बांधने के बाद खुद को आग लगा ली। आग लगाने के कुछ ही पल बाद दुकान से चीख की आवाज सुनी तो परिजन जाग गए। 

अंदर से बंद था दुकान का दरवाजा 

बाहर जाकर देखा तो दुकान से धुंआ निकल रहा था। सुरेश के पुत्र संदीप और कुलदीप ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। लपटों से घिरे सुरेश शाक्य के शरीर में लगी आग को बुझाकर उन्हें अस्पताल ले जाते, इससे पहले ही मौत हो चुकी थी। परिजन द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया गया। रविवार की सुबह गमगीन माहौल में सुरेश के शव का अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन

थानाध्यक्ष एलाऊ सुनील भारद्वाज ने बताया कि शनिवार की देर शाम एक व्यक्ति के जलने के संबंध में जानकारी मिली थी। घटना के संबंध में मृतक के परिजन ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।

सुरेश ने शरीर पर लगाया था ज्वलनशील पदार्थ

गांव इलाहबांस निवासी सुरेश शाक्य अक्सर शराब पीता था, पत्नी व अन्य परिजन उसे ऐसा करने से मना करते थे। इसके चलते वह कुछ दिन से नाराज होकर अलग रहने की बात कह रहा था। शनिवार को भी रोजाना की तरह शराब पी थी। पत्नी, पुत्र व बहू घर में सो रहीं थीं, इस बीच सुरेश ने खुद को खत्म करने की ठान ली। उसने छोटी सी दुकान के अंदर साइकिल का पंचर जोड़ने के लिए रखे गए ज्वलनशील ट्यूब को शरीर पर मल लिया ताकि उसके बचने की कोई उम्मीद न रहे।
 
आग लगने के दौरान कोई समय पर बचाने के लिए न आ सके, इसके लिए दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया था। इतना ही नहीं चेहरे को अंगौछे से बांधने के साथ ही मुंह को कस रखा था, ताकि आवाज बाहर न जा सके। आग की तपिश शायद बर्दाश्त से बाहर हो गई, तभी सुरेश की चीख निकली और परिजन जाग गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सुरेश ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसको लेकर घरवाले सिर्फ नाराजगी की बात कह रहे हैं। वह वजह क्या रही यह राज सुरेश के साथ ही जल गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें