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UP: 30 हजार का लोन और चुकाने पड़ गए 7.59 लाख रुपये, फाइनेंस एप से ली थी रकम; आप न करें ये गलती

Tue, 16 Jun 2026 11:40 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

सोशल मीडिया पर दिखे लोन ऐप के विज्ञापन पर भरोसा करना एक युवक को भारी पड़ गया और 30 हजार रुपये के लोन के बदले उससे 7.59 लाख रुपये वसूल लिए गए। आरोपियों ने फोटो एडिट कर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया, जिसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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मोबाइल एप - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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एक युवक ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर ऑनलाइन फाइनेंस करने वाली एक एप डाउनलोड कर ली। आधार और पैन कार्ड देने पर तत्काल खाते में 30 हजार रुपये आ गए। एप संचालकों ने लोन देने के सात दिन बाद ही 50 हजार रुपयों की मांग करना शुरू कर दिया। पीड़ित से चार माह में 7.59 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस के पास ऐसी लगातार शिकायतें आ रही हैं।
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ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनियां एप के माध्यम से लोगों को ब्लैकमेल कर रही है। लोन लेने के बाद धमकाकर वसूली की जा रही है। जीवनी मंडी निवासी युवक ने चार माह पहले जरूरत पर सोशल मीडिया पर एक एप का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने पर पैन और आधार कार्ड की जानकारी मांगने पर दे दी।

 

इसके बाद कंपनी की थर्ड पार्टी एप का लिंक वॉट्सएप पर मिला। एप से 30 हजार रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया। बिना किसी लेटर के उनके खाते में रुपये भेज दिए गए। सात दिनों के अंदर ही कंपनी की ओर से लोन के बदले 50 हजार रुपयों की मांग की जाने लगी। वॉट्सएप पर कॉल कर धमकाया जाने लगा। उनकी फोटो को अश्लील बनाकर भेजा गया और वायरल करने की धमकी दी। उनसे चार माह के अंदर कई बार में 7.59 लाख रुपये कई खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। साइबर क्राइम थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की जानकारी कर रही है।
 

15 के बदले दिए 24 हजार रुपये
बोदला निवासी आकाश ने बताया कि एक ऑनलाइन फाइनेंस कंपनी में लोन का आवेदन किया। वहां सिविल चेक करने पर लोन नहीं मिला पर कंपनी ने किसी थर्ड पार्टी कंपनी को उनकी जानकारी साझा कर दी। वॉट्सएप पर संदेश आने के बाद लोन की बात हुई। कंपनी ने 15 हजार रुपये लोन की स्वीकृति की। उन्होंने भी लोन लेने के लिए स्वीकृति दे दी। खाते में 15 हजार रुपये आ गए। इसके बाद मात्र 20 दिन में ब्याज समेत 24 हजार लौटाने का संदेश आया। रकम नहीं देने पर रोजाना ब्याज लगने की बात कही गई। कर्ज लेकर लोन पूरा किया।
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पहले लें नियमों की जानकारी
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि ऑनलाइन या ऑफलाइन फाइनेंस का काम करने वाली हर कंपनी का आरबीआई से रजिस्ट्रेशन होता है। कोई भी कंपनी धमकाने या ब्लैकमेल करने जैसे आपराधिक कार्य नहीं कर सकती है। लोन लेने से पहले कंपनी की वैधता की पुष्टि करनी चाहिए। नियमावली को पढ़ना चाहिए। लोन के बदले में ब्लैकमेल या अभद्रता करने का प्रयास करे तो स्थानीय पुलिस और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। ब्याज अधिक लेने या गलत तरह से वसूली करने पर उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत कर सकते हैं।
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