आगरा के जैतपुर क्षेत्र में संतोषी माता मंदिर में आरती के दौरान प्रदीप मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी सोमेश पाराशर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पिता की कथित बेइज्जती का बदला लेने के लिए हत्या करने की बात कबूल की, जबकि मामले में लापरवाही सामने आने पर एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
आगरा के जैतपुर के रूपपुरा गांव में 18 जून को संतोषी माता मंदिर में आरती करते समय प्रदीप मिश्रा (42) की गोली मारकर हत्या की गई थी। शनिवार देर रात कमतरी पुल पर हुई मुठभेड़ में हत्यारोपी सोमेश पाराशर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा ने बताया चैकिंग के दौरान रोकने पर आरोपी पुलिस पर फायरिंग कर बीहड़ में कूदकर भाग रहा था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने पर वह घायल हो गया। गिरफ्तार किए गए सोमेश से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किया है। सोमेश ने पुलिस को बताया बीते साल साल फरवरी में पिता कन्हैयालाल पाराशर को मारपीट कर गांव में बेइज्जत किया था।
पिता की बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने प्रदीप की हत्या की है, जिसका उसे कोई पछतावा नहीं है। इससे एक दिन पहले सोमेश पाराशर के दोस्त जैतपुर के सत्यम पुरोहित को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बता दें कि मृतक के भाई अवधेश मिश्रा ने गांव के कन्हैयालाल पाराशर, उनके बेटे सोमेश पाराशर, जैतपुर के श्याम नौपुत्रा, सत्यम पुरोहित को हत्या में नामजद कराया था। एसीपी ने बताया कि आरोपी कन्हैयालाल पाराशर एवं श्याम नौपुत्रा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जैतपुरा में हुई हत्या में दरोगा निलंबित, एसओ की जांच
रूपपुरा के प्रदीप मिश्रा की हत्या की वारदात में हल्का इंचार्ज प्रवेश दुबे की लापरवाही सामने आने पर डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसओ जैतपुर दीपक कुमार की भी जांच बिठा दी है। जैतपुर के रूपपुरा गांव में प्रदीप मिश्रा की 18 जून को हत्या हुई थी। 19 जून को अंत्येष्टि के वक्त परिवार ने डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल के सामने आरोप लगाया कि यदि 8 दिन पहले दरोगा ने तहरीर लेकर कार्रवाई की होती तो प्रदीप मिश्रा की जान जाने से बच सकती थी।
हत्यारोपी सोमेश पाराशर पर गोली मारने की धमकी दी थी। खुद प्रदीप मिश्रा तहरीर लेकर थाने पहुंचे थे। हल्का इंचार्ज प्रवेश दुबे ने तहरीर ही नहीं ली, धमकी को लेकर पुलिस ने साक्ष्य मांगे थे। थाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। एक महीने पहले भी फरवरी 2025 में हुई घटना को लेकर देख लेने की धमकी दी थी। तब भी पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया था।
डरे सहमे मृतक के भाई अवधेश मिश्रा और बेटे रिषभ मिश्रा ने डीसीपी से परिवार के साथ अनहोनी घटना की आशंका जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी एवं परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने लापरवाही पर दरोगा प्रवेश दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसीपी बाह से एसओ की भी जांच कराई जा रही है। जांच में लापरवाही सामने आने पर विधिक कार्रवाई होगी।