मैनपुरी में 19 साल पहले हुए सनसनीखेज हत्याकांड के आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 25,000 रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है।
मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र में 19 साल पहले युवक की ईंट पत्थरों से कुचलकर तथा कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाले को अपर जिला जज चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना कोतवाली के नगला मूले का रहने वाला 19 साल का विक्रम एक मई 2006 को गांव में था। रिपोर्ट के अनुसार तभी गांव के रहने वाले मुनेश कुमार ने अपने भाई धीरज, नीरज, गुड्डू के साथ उसको घेर लिया। ईंट पत्थरों से कुचलकर तथा कुल्हाड़ी से हमलाकर विक्रम की हत्या कर दी। हत्या की रिपोर्ट विक्रम के भाई अनिल कुमार ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद चारों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चेतना चौहान के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के संबंध में गवाही दी। गवाही के आधार पर मुनेश कुमार को विक्रम की हत्या करने का दोषी पाया गया। गवाही में आरोप साबित होने पर अपर जिला जज ने मुनेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25000 रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है।
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तीन भाइयों की हो चुकी मौत
पुलिस ने विक्रम की हत्या करने के आरोप में मुनेश कुमार सहित उसके भाई धीरज, नीरज, गुड्डू के खिलाफ चार्जशीट भेजी। चारों के खिलाफ मुकदमा चला। मुकदमे की सुनवाई के दौरान धीरज, नीरज, गुड्डू की मौत हो गई। पुलिस द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर उनकी फाइल बंद करके केवल मुनेश के खिलाफ मुकदमा चला।