आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में उधार दिए गए 2.5 लाख रुपये वापस मांगने पर युवक के साथ मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर घटना के 10 दिन बाद जगदीशपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
उधार की रकम वापस मांगने को लेकर हुए विवाद में मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी और नुकसान पहुंचाने के आरोप में घटना के दसवें दिन पुलिस आयुक्त के आदेश पर मंगलवार को थाना जगदीशपुरा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बिचपुरी स्थित शिवधाम कॉलोनी निवासी दीपक कुमार ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि चौहटना सड़क निवासी राजेश रावत ने कार्यालय निर्माण के लिए उससे 2.50 लाख रुपये उधार लिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। आरोप है कि 24 मई की शाम करीब साढ़े छह बजे वह रुपये मांगने के लिए राजेश रावत के कार्यालय पहुंचा था।
इस दौरान आरोपी ने जातिसूचक टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज की और कार्यालय से बाहर निकालकर डंडे से हमला कर दिया। प्राथमिकी के अनुसार, जान बचाने के लिए वह अपनी कार की ओर भागा, लेकिन आरोपी ने वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मोबाइल फोन तोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने घटना का वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।