पीड़ित की तहरीर पर दक्षिण थाना पुलिस ने बीसी संचालक संतराम, डोली, राम कुमार, मस्तराम, राजवीर राठौर, मान सिंह को नामजद करते हुए धोखाधड़ी के साथ अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। थानाध्यक्ष दक्षिण बैजनाथ सिंह का कहना है कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर आरोपी और उसके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
क्या होती है बीसी
सुहागनगरी में बीसी (कमेटी) डालने का काम पिछले काफी दिनों से संचालित है। कहीं 15 तो कहीं 20 लोग 30 माह तक कमेटी में पैसा एकत्रित करते है। इसमें तीस लोग जोड़कर हर माह एक व्यक्ति को जमा धनराशि में एक निश्चित ब्याज को काटकर दिए जाने का प्रावधान है। बीसी में शामिल 30 लोगों में जो संचालक होता है उसके पास सभी का पैसा जमा होता है।
एक साथ कई-कई बीसी (कमेटी) संचालित करने वाले लोग लाखों रुपया एकत्रित करने के बाद गायब हो जाते हैं। इसके बाद उन लोगों का पैसा फंस जाता है तो हर माह किश्त अदा करते हैं। इस तरह से गायब होने के मामले शहर में एक दो नहीं बल्कि कई है। खुद के अपहरण का नाटक रचने वाले संजीव गुप्ता के पास बीसी का करोड़ों का कारोबार था। उसके पास जमा लोगों का पैसा आज तक नहीं मिला।