मैनपुरी। जिला अस्पताल में मलेरिया फेल्सीपेरम का एक और मरीज मिला है। दूसरा मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सीएमएस ने सीएमओ को पत्र लिखकर मरीज की जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग के बचाव कार्यों से लोग संतुष्ट नहीं हैं। एक जगह मरीज का घर ही विभागीय कर्मचारियों को नहीं मिला, तो दूसरी जगह मानक के अनुसार बचाव कार्य नहीं किए हैं।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में देवीदासपुर निवासी शिखा पुत्री राजकुमार में मलेरिया फेल्सीपेरम पॉजिटिव निकला है। एक दिन पहले नगला अखई निवासी कुलवीर सिंह में भी मलेरिया फेल्सीपेरम पॉजिटिव निकला था। सीएमएस डॉ. आरके सागर ने सीएमओ को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है।
बचाव के लिए गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को नगला अखई में कुलवीर सिंह का घर नहीं मिला। वहीं देवीदासपुर में पीड़िता के घर के साथ 10-11 अन्य घरों में ही बचाव के उपाय किए गए। जबकि शासनादेश के तहत 50 घरों की सुरक्षा करना अनिवार्य है।
क्या है मलेरिया फेल्सीपेरम
इससे पीड़ित व्यक्ति एकदम बेसुध हो जाता है। उसे पता ही नहीं होता कि वो बेहोशी में क्या बोल रहा है। रोगी को ठंड लगने के साथ उसके सिर में भी दर्द बना रहता है। लगातार उल्टियां होने से इस बुखार में व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
मलेरिया से बचाव के उपाय
- मच्छरों को घर के अंदर या बाहर पनपने से रोकें
- घर के आसपास सफाई का ध्यान रखें
- ठहरे हुए पानी में मच्छर न पनपे, जलभराव न होने दें
- घर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
- मच्छरों से बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
इन स्थानों पर किए बचाव कार्य
सीएमओ डॉ. एके पांडेय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने जिले के लखौरा, नगला दौलत, संसारपुर, अखई, मिडौली, धारापुर, तिसौली आदि गांवों में बचाव कार्य किए। मुख्यालय की टीम ने नगर के मोहल्ला कटरा, दरीबा व वार्ड नंबर छह में बचाव कार्य के लिए छिड़काव व फॉगिंग कराई।
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मलेरिया फेल्सीपेरम की जानकारी मिली है। संबंधित क्षेत्रों को सुरक्षित कराया जा रहा है। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
पांडेय, सीएमओ।