बिचपुरी। बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2026-27 में खरीद मानकों में बड़ी छूट दी है। इससे प्रदेशभर में प्रभावित गेहूं की सरकारी खरीद का रास्ता साफ हो गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंदकिशोर के अनुसार, नए निर्देशों के तहत चमकहीन (लस्टर लॉस) गेहूं की स्वीकार्यता सीमा 70 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं, सिकुड़े और टूटे दानों की अधिकतम सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। यह निर्णय प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने स्पष्ट किया है कि छूट के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखा जाएगा और उसका उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी गिरावट की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इसके अलावा, ऐसे गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस निर्णय से जुड़े किसी भी वित्तीय या संचालन संबंधी प्रभावों को भी राज्य सरकार ही वहन करेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंदकिशोर का कहना है कि इस फैसले से बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से बचाया जा सकेगा।