आगरा। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम का उल्लंघन करने वाले 45 से अधिक अमान्य स्कूलों के प्रबंधकों पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) ने एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि इसके बाद भी अमान्य विद्यालयों का संचालन जारी रहा तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा और प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
बीएसए की ओर से जारी जुर्माना नोटिस व आदेश के अनुसार, जांच के दौरान खेरागढ़, जगनेर, फतेहाबाद, पिनाहट, शमसाबाद, बाह और जैतपुर कलां विकास खंडों में कई अमान्य स्कूल संचालित पाए गए। इनमें से कई विद्यालय तो बिना किसी पंजीकृत नाम के केवल संचालक चला रहे थे। अन्य निजी नामों से अवैध कक्षाएं चला रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से कहा गया है कि वे जुर्माने की धनराशि तत्काल जमा कराएं और अमान्य शिक्षण संस्थानों के संचालन को बंद कराएं।
छात्रों का सरकारी स्कूलों में होगा दाखिला
बीएसए ने बीईओ से कहा है कि अमान्य पाए गए विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का समयबद्ध तरीके से निकटतम परिषदीय या मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराएं। आदेश में चेताया गया है कि यदि कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है तो इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे।