भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया ने मैनपुरी के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के साथ मुलायम सिंह के संसदीय क्षेत्र में उस तिलिस्म को तोड़ दिया, जो लगातार तीन दशक से बरकरार था।
मैनपुरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। मतदान के बाद दोपहर को सवा तीन बजे परिणाम की घोषणा की गई। इसमें भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया ने सात वोट से जीत दर्ज की। सपा प्रत्याशी मनोज यादव को हार का सामना करना पड़ा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए कलक्ट्रेट को छावनी में बदल दिया गया था। सभी गेटों पर पुलिस बड़ी संख्या में मुस्तैद थी। साथ ही मजिस्ट्रेट को भी तैनात किया गया था। भाजपा और सपा नेताओं को अलग-अलग रखने के लिए भी प्रशासन ने प्लान बनाया था। इसी के तहत टंकी वाले गेट पर भाजपा नेता और भाजपा समर्थित प्रत्याशी वोट डालने पहुंचे।
लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने वाले गेट पर सपा नेता और सपा समर्थित प्रत्याशी पहुंचे। सुबह 11 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसके बाद लगभग साढ़े 11 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राठौर आदि के नेतृत्व में जिला पंचायत सदस्य मतदान करने पहुंचे।
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एक साथ 13 जिला पंचायत सदस्यों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर मतदान किया। वहीं टंकी वाले गेट से चार अन्य जिला पंचायत सदस्य भी मतदान करने के लिए पहुंचे। इसमें आठ भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों के अलावा सपा और निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य भी शामिल रहे।
दोपहर एक बजे के करीब पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव और सपा विधायकों के नेतृत्व में 11 जिला पंचायत सदस्य मतदान करने पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने वाले गेट से कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर मतदान किया। सपा नेता गेट पर ही मौजूद रहे।
कुल 30 जिला पंचायत सदस्यों में 29 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। तीन बजे के बाद मतगणना हुई, जिसके परिणाम सवा तीन बजे तक घोषित कर दिए गए। इसमें भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया को 18 वोट और सपा प्रत्याशी मनोज यादव को 11 वोट मिले। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अर्चना भदौरिया को विजेता घोषित कर दिया।
कैबिनेट मंत्री के साथ लिया जीत का प्रमाण पत्र
विजेता की घोषणा होने के बाद कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्हीं के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी से अर्चना भदौरिया ने जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। यहां से जीत का जश्न मनाते हुए भाजपा कार्यकर्ता नए जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ लौटे।
सपा समर्थकों को खदेड़ती रही पुलिस
जिला पंचायत अध्यक्ष के मतदान के दौरान पुलिस सपा समर्थकों को खदेड़ती रही। मतदान के लिए सपा नेताओं के साथ सदस्यों के पहुंचने से पहले ही समर्थक पहुंचना शुरू हो गए थे। इन्हें पुलिस ने कलक्ट्रेट के गेट से आधा किलोमीटर पहले ईशन नदी पुल से ही लौटा दिया।
बाद में भी सपा नेताओं के साथ पहुंचे लोगों को पुलिस ने कलक्ट्रेट गेट से खदेड़ दिया। कलक्ट्रेट के टंकी वाले वाले गेट से लेकर डाकखाने तक समर्थकों की भीड़ लगी रही, जिसे पुलिस ने एक बार भी हटने के लिए नहीं कहा। इससे सपा समर्थक नाराज नजर आए।
सपा कार्यालय पर भीड़ देख छूटे पसीने
शनिवार सुबह ही सपा कार्यालय पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटना शुरू हो गए थे। सूचना मिलते ही एसडीए सदर ऋषिराज और सीओ सिटी अभय नरायन राय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने सपा विधायक राजकुमार यादव व अन्य सपा नेताओं से मिलकर शांति बनाने की अपील की। इस पर सपा नेताओं ने समर्थकों को वहीं रोक दिया। एक बार तो भीड़ देखकर प्रशासन के भी पसीने छूट गए थे। लेकिन बाद में समर्थक पार्टी नेताओं की बात मानकर कार्यालय में ही मौजूद रहे।
तीन दशक का तिलिस्म टूटा
जिले में वर्ष 1991 से लेकर अब तक लगभग तीन दशक से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा का ही कब्जा रहा। प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को सपा से कोई नहीं छीन सका। लेकिन इस बार भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर सपा के तिलिस्म को तोड़ दिया।