मैनपुरी। औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। जांच के बाद आई रिपोर्ट में छह उर्वरकों के नमूने अमानक पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कृषि अधिकारी ने संबंधित छह उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
उर्वरकों की गुणवत्ता जांचने के लिए समय-समय पर कृषि विभाग के अधिकारी उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजते हैं। बीते तीन माह में निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने 24 से अधिक उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। प्रयोगशाला से प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट में छह नमूने अमानक पाए गए।
इसमें बृजमोहन सिंह निवासी मकबूलपुर की दुकान से लिया गया जिंक सल्फेट का नमूना, उत्तर खाद भंडार हन्नूखेड़ा से लिया गया सल्फर का नमूना, अंकित खाद बीज भंडार महादेवा से लिया गया जिंक सल्फेट का नमूना, राधा खाद भंडार सोनई से लिया गया फेरस सल्फेट का नमूना, एग्री जंक्शन केंद्र गढ़िया रोड मैनपुरी से लिया गया माइक्रो न्यूट्रिएंट मिक्चर और मास्टर जी खाद भंडार कुरावली से लिया जिंक सल्फेट का नमूना शामिल है। सभी में पोषक तत्वों की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई। इस पर जिला कृषि अधिकारी नने छह विक्रेताओं के उर्वरक बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
निलंबन आदेश जारी कर सभी विक्रेताओं को जवाब प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का मौका दिया गया है। सात दिन में जवाब न देने पर उनके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में छह उर्वरक के नमूने अमानक पाए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित करते हुए जवाब मांगा है। सात दिन की मोहलत जवाब के लिए दी गई है।
- डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।