मैनपुरी। बिछवां थाना क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता की गर्भ से पैदा हुई बच्ची के पिता का पता आगरा की एफएसएल से चलेगा। पुलिस ने डीएनए सैंपल आगरा भेज दिया है। वहां से रिपोर्ट आने में करीब एक माह का समय लगेगा। फिलहाल तीन माह की मासूम बच्ची मां के पास ही है। अगर, डीएनए जांच में बच्ची का पिता दुष्कर्म का आरोपी ही निकला तो वह कानूनन बच्ची के पालन का जीवन भर खर्चा उठाएगा। एक पिता के रूप में उसकी जरूरतों को पूरा करने का दायित्व भी आरोपी के ही कंधों पर होगा।
11 मार्च 2025 को बिछवां थाने में लहरा निवासी लवकेश कश्यप, दीपक, चपक के खिलाफ एक लड़की के पिता ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनकी पुत्री के अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी लवकेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। चंपक और दीपक की नामजदगी झूठी पाई गई तो उन्हें केस से बाहर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी पाए गए लवकेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बच्ची को तीन माह पहले जन्म दिया है। इसके बाद पीड़िता की बच्ची का पिता कौन है इसकी जांच शुरू हो गई। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी लवकेश का डीएनए टेस्ट कराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता लवकेश को ही बच्ची का पिता बता रही है। इसके चलते लवकेश का डीएनए कराया गया है। बच्ची के डीएनए सैंपल को भी लिया गया है। दोनों सैंपल जांच के लिए आगरा भेजे गए हैं। अगर, मिलान हो गया तो लवकेश ही बच्ची का पिता है, इसकी पुष्टि हो जाएगी।