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Mainpuri: लाखौरी ईंटों से बना 300 वर्ष पुराना शिव मंदिर मिला, इससे पहले मिली थी 10वीं सदी की मूर्तियां

Thu, 02 Mar 2023 11:02 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में तीन सौ वर्ष पुराना शिव मंदिर मिला है। राज्य पुरातत्व विभाग की टीम ने इसका सर्वेक्षण किया। अभी आगे में इस पर सर्वेक्षण जारी रहेगा। इससे पहले यहां पर 10वीं सदी की मूर्तियां मिलीं थीं।  
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तीन सौ वर्ष प्राचीन शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में घिरोर तहसील क्षेत्र में राज्य पुरातत्व विभाग की टीम ने बुधवार को एक और सफलता हासिल की। अति प्राचीन मूर्तियों के बाद अब टीम ने लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन शिव मंदिर खोज निकाला है। ये मंदिर नगरिया गांव में स्थित है। ये मंदिर प्राचीन लाखौरी ईंटों से बनाया गया है।

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राज्य पुरातत्व विभाग की टीम ने तहसील घिरोर क्षेत्र के गांवों में सर्वेक्षण कर पुरावशेषों की तलाश कर रही है। तलाश के पहले दिन सोमवार को टीम ने कनेगी स्थित शिव मंदिर में प्राचीन मूर्तियों को खोज निकाला था। ये मूर्तियां 10वीं सदी की होने का अनुमान लगाया गया था। वहीं दूसरे दिन कुछ खास टीम को नहीं मिला था।

प्रााचीन लाखौरी ईंटों से बना है

बुधवार को फिर टीम गांवों में सर्वेक्षण के लिए निकली। इस दौरान टीम ग्राम पंचायत फैजपुर के नगरिया गांव पहुंचीं। यहां एक काफी पुराना शिव मंदिर है। टीम ने मंदिर पर पहुंचकर जानकारी जुटाई।
राज्य पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी राजीव कुमार त्रिवेदी ने बताया कि नगरिया का शिव मंदिर प्रााचीन लाखौरी ईंटों से बना है। इसके अनुसार मंदिर लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन है। 

पुरातत्व विभाग करेगी मंदिर का सर्वेक्षण

लाखौरी ईंटों का प्रचलन मुगलकाल में निर्माण कार्यों में काफी तेजी से हुआ। लेकिन उनकी उत्पत्ति के संबंध में विशेष जानकारी नहीं मिलती है। इसके साथ ही गांव फैजपुर में ही एक और छोटा मंदिर भी मिला है। ये भी लाखौरी ईंटों का ही बना है। ऐसे में ये मंदिर भी लगभग उतना ही प्राचीन है। पुरातत्व विभाग की टीम मंदिर पर आगे भी सर्वेक्षण को जारी रखेगी।

दो मंजिला है प्राचीन शिव मंदिर

ग्राम पंचायत फैजपुर के नगरिया गांव में बना शिव मंदिर प्राचीन होने के बाद भी कारीगरी का बेहतरीन नमूना है। दो मंजिला इस मंदिर का प्रवेश द्वारा आज भी पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि कई जगह दीवारें और दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंदिर का शिखर (चोटी) भी अभी सही स्थिति में है।

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