दिव्यांशी के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद पुलिस।
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मैनपुरी। मोहल्ला चौथियाना की रहने वाली बीएससी की छात्रा दिव्यांशी की मौत के साथ ही आरोपी के घर को बुलडोजर से ढहाने की मांग भी उठ रही है। शुक्रवार देर रात छात्रा का शव घर पहुंचा तो चीखपुकार मच गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच श्मसान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। 26 जुलाई को मोहल्ले के ही रहने वाले सनकी राहुल दिवाकर ने दिव्यांशी को तीन गोलियां मारी थीं।
पढ़ लिख कर परिवार का नाम रोशन करने की चाह रखने वाली बीएससी की छात्रा दिव्यांशी राठौर ने बृहस्पतिवार की रात को मेडिकल कॉलेज सैफई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत के साथ ही उसके सारे सपने भी मर गए। शुक्रवार देर रात छात्रा का शव घर पहुंचा तो परिजन की चीखपुकार सुन लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मां पूनम बेटी के शव से लिपट कर बेहोश हो गईं। महिलाओं ने उन्हें संभाला। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी के बीच दिव्यांशी का मदार दरवाजा स्थित श्मसान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। परिवार व अन्य लोग मांग कर रहे थे कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर दिव्यांशी के हत्यारोपी राहुल दिवाकर के घर पर चलाया जाए, अपराधी को हर हाल में फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए।
दिव्यांशी की मौत के बाद लोगों में है गुस्सा
मोहल्ला चौथियाना की रहने वाली दिव्यांशी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। आरोपी भले ही सलाखों के पीछे हैं। मगर, लोगों में घटना को लेकर आक्रोश दिख रहा है। शुक्रवार की रात को दिव्यांशी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों का कहना था कि आखिर दिव्यांशी का कसूर क्या था, जो उसे बेरहमी से मार दिया गया। अपनी हसरत पूरी करने के लिए दूसरे की जान ले लेना, ये सोच मानवीय नहीं है। ऐसी सोच रखने वालों की सजा मौत होनी चाहिए। वह लोग पुलिस से मांग करते हैं कि आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य व गवाह आदि पेश करें।
सरकारी नौकरी और 25 लाख का मुआवजा मिले
दिव्यांशी की जिंदगी तो आरोपी राहुल दिवाकर की सनक की भेंट चढ़ गई। घर में मां और तीन बहनें दिव्यांशी को खोने के बाद दुखी हैं। परिवार के लोग सांत्वना दे रहे हैं। वहीं, समाज की नेता पूनम राठौर की ओर से मृतक परिजन को 25 लाख रुपये मुआवजे व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई है।