मैनपुरी। थाना बेवर से जुड़े 15 साल पुराने गोलीकांड में एडीजे विशेष एससी-एसटी जयप्रकाश की कोर्ट ने आरोपी को बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया है। दोषी की सजा के बिंदु पर 18 अगस्त को अदालत में सुनवाई होगी।
यह घटना 9 जनवरी 2010 की है। बेवर थाने के चौकीदार राधाकृष्ण निवासी नारायणपुर, बेवर ने मुकदमा दर्ज कराया था, आरोप था कि घटना वाली रात लगभग 2 बजे वह अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर सो रहे थे। तभी पड़ोसी गांव पटना, बेवर का हेमराज और उसके साथी सुभाष ने उन्हें जगाया। हेमराज ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। इसके बाद हेमराज ने तमंचे से उनके बाएं कंधे के पीछे गोली मार दी और अपने साथी के साथ भाग गया।
पुलिस की जांच में यह पाया गया कि हेमराज का साथी सुभाष इस अपराध में शामिल नहीं था। इसलिए, आरोपपत्र सिर्फ हेमराज के खिलाफ दाखिल किया गया। गोली मारने के पीछे का उद्देश्य बताया गया कि राधाकृष्ण इस घटना से करीब चार माह पूर्व बेवर थाने का चौकीदार था। हेमराज शराब तस्करी में पकड़ा गया था। हेमराज को शक था कि राधाकृष्ण की मुखबिरी के कारण वह गिरफ्तार हुआ था। इसी के चलते उसने जानलेवा हमले को अंजाम दिया था। ट्रायल के दौरान कोर्ट में अभियोजन की ओर से एमपी सिंह चौहान ने गवाह व साक्ष्यों को पेश किया। इनके आधार पर अदालत ने हेमराज को जानलेवा हमले और एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी करार दिया। हेमराज की सजा पर फैसला 18 अगस्त को होगा।