लेखपाल द्वारा फौती दर्ज नहीं किए जाने की वजह से उनका आवेदन भी निरस्त कर दिया गया। इस पर डिंपल देवी ने मुआवजा दिलाने के लिए अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में तत्कालीन लेखपाल प्रेमपाल तथा डीएम के खिलाफ याचिका दायर की थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति कुर्क करने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का आदेश मिल गया है। आयोग द्वारा तय की गई फीस भी मिल चुकी है। शीघ्र ही डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति कानून के प्रावधानों के तहत कुर्क की जाएगी। कुर्की रिपोर्ट जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग को दी जाएगी।