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Exclusive: मैनपुरी के डीएम कार्यालय की चल-अचल संपत्ति होगी कुर्क, उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश

Sat, 15 Oct 2022 05:08 PM IST
मुकेश कुमार पंकज मिश्र, अमर उजाला मैनपुरी

सार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से जारी की गई आरसी की वसूली नहीं करने पर आयोग के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। संपत्ति कुर्क करने के लिए अधिवक्ता आयुक्त को नामित भी कर दिया है।
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कलेक्ट्रेट मैनपुरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी के डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से जारी की गई आरसी की वसूली नहीं करने पर आयोग के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। संपत्ति कुर्क करने के लिए अधिवक्ता आयुक्त को नामित भी कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की गई है।

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थाना औंछा के शहजादपुर उसनीधा निवासी डिंपल देवी की एक याचिका पर सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ और तत्कालीन सदस्य राजेश यादव ने 27 अगस्त 2018 को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश डीएम को दिए थे। 

इस धनराशि पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना था। मुआवजा नहीं दिए जाने पर उपभोक्ता आयोग ने आरसी जारी करके वसूली कराने का आदेश दिया। वसूली नहीं होने पर 15 जुलाई 2022 को मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा गया। इसके बाद भी डीएम द्वारा वसूली नहीं कराई गई।

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डिंपल ने की थी वसूली कराने की मांग 

डिंपल देवी ने अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में प्रार्थना पत्र देकर वसूली कराने की मांग की। आयोग के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ तथा सदस्य नीतिका दास ने सुनवाई करने के बाद डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। 

डीएम कार्यालय की संपत्ति कुर्क कराने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सक्सेना को अधिवक्ता आयुक्त नामित करके उनको दो हजार रुपये की फीस भी दे दी गई है। मामले की अगली सुनवाई के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 11 नवंबर की तारीख तय कर दी गई है। 

यह है मामला

शहजादपुर उसनीधा निवासी डिंपल देवी के पति प्रदीप की एक मार्च 2015 को बुलंदशहर के अरनिया में मृत्यु हो गई थी। प्रदीप खेती करते थे। डिंपल ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत मुआवजा पाने के लिए आवेदन किया। तत्कालीन लेखपाल प्रेमपाल की लापरवाही के चलते उनको मुआवजा नहीं मिला। 
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लेखपाल द्वारा फौती दर्ज नहीं किए जाने की वजह से उनका आवेदन भी निरस्त कर दिया गया। इस पर डिंपल देवी ने मुआवजा दिलाने के लिए अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में तत्कालीन लेखपाल प्रेमपाल तथा डीएम के खिलाफ याचिका दायर की थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति कुर्क करने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का आदेश मिल गया है। आयोग द्वारा तय की गई फीस भी मिल चुकी है। शीघ्र ही डीएम कार्यालय की चल अचल संपत्ति कानून के प्रावधानों के तहत कुर्क की जाएगी। कुर्की रिपोर्ट जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग को दी जाएगी।
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