विधवा महिला और युवक के आसपास खड़े ग्रामीण
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मैनपुरी। सिकंदरपुर में हुई वारदात मानवता को शर्मसार करने वाली है। बच्चों सामने महिला और एक युवक लोगों से मिन्नते करते रहे, रहम की भीख मांगते रहे, फिर भी किसी का दिल नहीं पसीजा। संवेदनहीन भीड़ मूकदर्शक बनकर आरोपियों का हौसला बढ़ाती रही। भीड़ संवेदनशीलता दिखाती तो वारदात को रोका जा सकता है।
गांव सिकंदरपुर में हुई वारदात के लिए सिर्फ आरोपी ही जिम्मेदार नहीं हैं, जिम्मेदार वह ग्रामीण हैं, जिन्होंने अपनी मौन स्वीकृति इस कृत्य में दी। अगर ग्रामीण वारदात का विरोध करते तो शायद पूरे गांव के आगे महिला और पुरुष को बेइज्जत नहीं होना पड़ा।
घटना के बाद से आरोपियों के घर में ताले पड़े हुए हैं। ग्रामीण चुप्पी साधे हुए हैं। जांच के लिए गए अधिकारियों के सामने भी कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। कुछ वृद्ध महिलाओं की ओर से घटना का जिक्र तो किया गया, लेकिन यह सब किसने किया। उन नामों को बताने के लिए कोई भी तैयार नहीं था। पुलिस ने वीडियो फुटेज और नामजदगी के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। तीन लोगों को गिरफ्तार करने की पुष्टि अफसरों ने की है। वहीं चार-पांच अन्य लोग भी पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
युवक ने मुश्किल वक्त में दिया सहारा
गांव में अपमानित होने के बाद कोतवाली पहुंची महिला का दर्द उसकी बातों साफ झलक रहा था। उसने बताया कि उसके पति व युवक में अच्छी दोस्ती थी। करीब चार साल पहले जब पति गंभीर बीमारी से ग्रसित हुए तो परिवार के लोगों ने भी साथ छोड़ दिया। इस बीच युवक ने मुश्किल वक्त में उसे सहारा दिया। पति के इलाज के लिए रुपये खर्च किए। उसके घर का खर्च भी चलाया। इतना सब करने के बाद भी पति की मौत हो गई। तभी से वह उसके साथ पत्नी की तरह रह रही है। युवक की पत्नी भी उसे छोड़कर जा चुकी है। वह किसी भी कीमत पर उसका साथ नहीं छोड़ेगी। परिवार के लोग व कुछ ग्रामीण उसकी खुशी से जलते हैं। तभी ये घिनौना कृत्य उनके साथ किया गया है।
सहमे हुए हैं बच्चे
युवक के एक बेटी और एक बेटा है। वहीं महिला के दो बेटियां और एक बेटा है। वारदात बच्चों के सामने हुई। इससे बच्चे भी सहमे हुए हैं।