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एसपी मानवाधिकार अमित मिश्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, ये है मामला

Tue, 24 Jul 2018 05:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मैनपुरी के जिला अस्पताल के तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट की 19 साल पहले गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी एसपी मानवाधिकार लखनऊ के खिलाफ सीजेएम शक्ति सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। 
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एसएसपी लखनऊ को पत्र भेजकर एसपी मानवाधिकार अमित मिश्रा को छह अगस्त को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सीबीसीआईडी आगरा ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल की है। 

सीजेएम कोर्ट में एसपी मानवाधिकार लखनऊ अमित मिश्रा के खिलाफ 29 अक्तूबर 1999 को जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बालमुकुंद प्रभाकर की गैर इरादतन हत्या करने का मुकदमा चल रहा है। 
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सीबीसीआईडी ने पाया दोषी 

सीबीसीआईडी की चार्जशीट में दोषी पाए गए एसपी मानवाधिकार के खिलाफ 15 अक्तूबर 2016 से वारंट चल रहे हैं। उनके अदालत में हाजिर नहीं होने से मुकदमा लंबित हैं। अदालत से जारी किए गए वारंटों की तामील भी नहीं हो रही है। 

मुकदमे की गंभीरता देखते हुए सीजेएम शक्ति सिंह ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एसएसपी लखनऊ को पत्र भेजकर एसपी मानवाधिकार लखनऊ अमित मिश्रा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुकदमे की सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख तय कर दी है।  

यह है मामला

वर्ष 1999 में संजय भाटिया मैनपुरी के डीएम थे। करहल क्षेत्र के नगला बेसन निवासी बच्चन लाल ने डीएम से जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डा. बाल मुकुंद प्रभाकर द्वारा एक्स रे रिपोर्ट के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत की। 

डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने 29 अक्तूबर 1999 को डॉक्टर के कमरे में छापा मारा। चर्चा रही कि छापे के दौरान पांच-पांच सौ रुपये के नोट निगलने से डॉक्टर की मौत हो गई। बाद में जमकर बवाल हुआ।  

डीएम के निर्देश पर शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे समय पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर के गले से नोट बरामद नहीं हुए, लेकिन मौत का कारण दम घुटना माना गया।  
 
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ये हैं आरोपी

मचंद्र निगम एडवोकेट ने टीम में शामिल तत्कालीन एसडीएम सदर हरिप्रताप शाही, सीओ सिटी अमित मिश्रा, कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह मलिक, नायब तहसीलदार रमाशंकर वर्मा, एसआई फकीरेलाल वर्मा, सिपाही शिवदयाल, भगवान सिंह, ब्रजेश कुमार, शिकायतकर्ता बच्चन लाल के खिलाफ डॉक्टर की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।  

शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी आगरा ने मामले की विवेचना की। एसडीएम सदर को दोषी न पाकर उनका नाम निकाल दिया। एक राय होकर गैर इरादतन हत्या करने के आरोप में एसपी मानवाधिकार सहित सभी के खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी।
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