सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य
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यादव और शाक्य बहुल मैनपुरी लोकसभा सीट पर बीते कई चुनावों से भाजपा शाक्य प्रत्याशी ही लाती रही है। भाजपा की इस चाल को नाकाम करने के लिए सपा ने इस बार उपचुनाव की घोषणा होते ही अपना दांव खेल दिया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आलोक शाक्य को पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाकर शाक्य वोट में भी सेंध लगाई। इसी का नतीजा रहा कि डिंपल यादव को उपचुनाव में बंपर वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य उनसे लगातार पिछड़ते रहे।
सपा ने बरकरार रखा कब्जा
उपचुनाव में सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बृहस्पतिवार को मतगणना के बाद प्रशासन ने उन्हें विजयी घोषित किया। डिंपल यादव ने 2.88 से अधिक वोटों से भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य को हराया। डिंपल यादव को 617625 वोट मिले हैं, जबकि रघुराज सिंह के खाते में 329489 वोट आए। इस तरह डिंपल ने 288136 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को हरा दिया। बता दें कि 1996 के बाद मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और इसके बाद अब तक सपा कभी इस सीट से नहीं हारी।
जिले में दो लाख शाक्य मतदाता
यादव के बाद मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में शाक्य मतदाता ही है। इनकी संख्या सवा दो लाख के करीब है। यादव जहां सपा का कोर वोटर माना जाता है तो वहीं शाक्य कभी सपा तो कभी भाजपा का समर्थन करता रहा है। वहीं भाजपा बीते कई चुनावों से मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में कमल खिलाने के लिए शाक्य प्रत्याशी को ही उतारती आई है। सपा को इस बात का अंदाजा था कि इस बार भी भाजपा ऐसा ही कुछ करेगी।