अब उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है तो सपा और भाजपा खेमे में उत्साह है। दोनों ही दलों के कार्यकर्ता चुनाव मैदान में उतरकर जीत हासिल करने को बेताब नजर आ रहे हैं। सपा के सामने जहां पंरपरागत सीट बचाने की चुनौती होगी।
भाजपा के सामने सपा से सीट छीनने का सपना पूरा करने का लक्ष्य होगा। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की सेना को अब अपने सेनापति का इंतजार है। संभावना जताई जा रही है कि चार पांच दिन में सेनापतियों की घोषणा हो जाएगी।
सपा और बसपा की बैठकें जारी
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सामने कांग्रेस ने कभी प्रत्याशी नहीं उतारा। बसपा ने प्रयास किया और दूसरे नंबर तक पहुंची। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुलायम सिंह के साथ मंच साझा करके मुलायम सिंह के लिए वोट मांगे। मंच पर दोनों नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से एक दूसरे का किया गया अभिवादन लोगों के बीच चुनाव के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। उप चुनाव के लिए सपा और बसपा की बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
जिलाध्यक्ष सपा देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। मैनपुरी सीट सपा संरक्षक की कर्मभूमि रही है। उनके लिए समाज के हर वर्ग के लोगों के दिलों में सम्मान है। पांच छह दिन में ही पार्टी प्रत्याशी घोषित हो जाएगा।
भाजपा के प्रदीप चौहान ने बताया कि भाजपा को पूरे देश में समर्थन मिला है। भाजपा की नीतियों को समाज के हर वर्ग ने स्वीकार किया है। भाजपा परिवारवाद नहीं विकास की राजनीति करती है। प्रत्याशी शीघ्र ही घोषित किया जाएगा।