मथुरा में 15 मई को होली गेट के पास कोयला वाली गली में दो सराफा व्यापारियों की हत्याकर करीब चार करोड़ की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले कोई और नहीं मथुरा के तीन भाई हैं। तीनों का ही पुराना आपराधिक इतिहास है और सभी संगीन मामलों में जेल भी जा चुके हैं। मुख्य आरोपी राकेश उर्फ रंगा तो गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में वांछित है।
पुलिस ने बताया कि रंगा मथुरा के ही चौबियापाड़ा क्षेत्र का रहने वाला है। उस पर गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, फिरौती हत्या लूट सहित 10 से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं। कई संगीन मामलों में वह जेल भी जा चुका है। कोतवाली क्षेत्र में हुए हत्या के केस में भी जेल गया था। रंगा का बड़ा भाई बिल्ला अभी जेल में ही है।
इसके अलावा 15 मई की वारदात में शामिल नीरज भी राकेश का भाई है और उस भी आठ से 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नीरज लूट और फिरौती के मामलों में कई बार जेल गया है। इन दोनों के अलावा तीसरा भाई कामेश उर्फ चीनी भी कुख्यात है।
कामेश पर भी अपने भाईयों की तरह ही करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। यह राकेश उर्फ रंगा के साथ लगभग हर वारदात में शामिल रहता है। इसके अलावा छोटू और आशीष को प्रोफाइल अभी पुलिस खंगाल रही है। माना जा रहा है दोनों हाल ही में रंगा के गैंग में शामिल हुए थे।
पुलिस की पकड़ में आए सभी अपराधियों की उम्र करीब 20 से 30 साल के बीच है। पुलिस रिकार्ड में रंगा और उसके भाई हत्या, लूट और फिरौती के प्रोफेशनल माने जाते हैं। मथुरा में सराफों से चौथ वसूली में इनका बड़ा हिस्सा रहता है। चौथ वसूली न होने पर हत्या और लूट को ये अंजाम देते हैं। मथुरा के सराफों में रंगा और इनके भाइयों का इतना खौफ है कि वे इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने भी आते।