पटना विहार स्थित इच्छेश्वर महादेव मंदिर
एटा के जलेसर क्षेत्र में पर्यटक स्थल पटना पक्षी विहार में महाभारत कालीन महादेव का मंदिर है। यहां आने वाले भक्तों की इच्छा पूरी होती हैं। भक्त इन्हें इच्छेश्वर महादेव के नाम से पुकारते हैं। यहां हर साल सावन और महाशिवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार भी महाशिवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगरा, जयपुर, जोधपुर, फिरोजाबाद, हाथरस, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी।
बताया जाता है कि महाभारत युग में मगध के राजा जरासंध ने इस मंदिर को बनवाया था। लोगों ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण उस समय कराया गया था, जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया था। भगवान श्रीकृष्ण से बदला लेने के लिए मगध का राजा छिपकर यहां रहता था। राजा भगवान शिव शंकर का बड़ा भक्त था और उनकी पूजा-अर्चना के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया था।
गांव के आसपास सैकड़ों बीघा जमीन
जलेसर तहसील के पटना गांव के आसपास सैकड़ों बीघा जमीन में घना जंगल फैला हुआ है। यहां विशाल झील भी है, जिसे पक्षी पटना पक्षी विहार के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि यह मगध के सम्राट जरासंध के मित्र कालिया का वन था। यहां उसका महल था। इसलिए यह स्थान राजा कालिया वन के नाम से भी जाना जाता है।
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श्रीकृष्ण ने किया कालिया का वध
पौराणिक कथाओं एवं किदविंतियों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इसी स्थल पर मौजूद विशाल झील में कालिया नामक दैत्य का वध किया था। इसके बाद उन्होंने रुक्मणी के साथ विवाह किया था। मुगलों के शासन में इस मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया गया था। मुगल शासक औरंगजेब ने मंदिर को तोपों से निशाना बनाया, लेकिन मंदिर में स्थापित शिवलिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका।