फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोक के बावजूद ताजमहल में नमाजी बनकर घुसे महाराष्ट्र के सैलानी, गेट पर चेक नहीं हुई आईडी

Sat, 14 Jul 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
taj mahal
विज्ञापन
ताजमहल की सुरक्षा, संरक्षण के प्रति सुप्रीम कोर्ट बेहद संजीदा है, लेकिन स्थानीय अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी दरकिनार कर ताज की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। शुक्रवार को ताजमहल में महाराष्ट्र के दो सैलानी नमाज के दौरान प्रवेश कर गए। 
विज्ञापन


दोनों मुस्लिम पर्यटकों से प्रवेश के दौरान पहचान पत्र नहीं मांगा गया। सुरक्षा जांच के बाद उन्हें प्रवेश मिल गया, लेकिन सीआईएसएफ के जवानों ने संदेह के बाद उन्हें पकड़ लिया। एएसआई ने इस मामले में कर्मचारियों से रिपोर्ट तलब की है। 

महाराष्ट्र के जलगांव के जामनेर निवासी 27 साल के मोहम्मद आसिफ पुत्र युसूफ शेख और मुख्तार अली नूर अली सैयद पश्चिमी गेट पर ताजमहल देखने पहुंचे। शुक्रवार को ताज दोपहर में दो घंटे नमाज के लिए ही खुलता है। किसी भी पर्यटक का प्रवेश प्रतिबंधित है।
विज्ञापन

नहीं चेक की गई आईडी

केवल स्थानीय नमाजी ही नमाज के लिए पहचान पत्र दिखाकर जा सकते हैं, लेकिन मोहम्मद आसिफ और मुख्तार अली पश्चिमी गेट से ताजमहल के अंदर प्रवेश कर गए। गेट पर उनसे एएसआई कर्मचारी और इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने आईडी नहीं मांगी। 

ताजमहल मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद जब वो लौटे तो सीआईएसएफ जवानों ने संदेह होने पर उनसे पूछताछ की तो यह खुलासा हुआ कि दोनों महाराष्ट्र से आए हैं। दोनों पर्यटकों ने पूरी घटना का ब्यौरा लिखा और लिखित माफी मांगी कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं थी। 

इस मामले के बाद एएसआई में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को नमाज के दौरान प्रवेश जांचने को एएसआई कर्मचारी और इंतजामिया कमेटी के सदस्य ही रहते हैं। मामले में एएसआई अधिकारियों ने गेट पर तैनात कर्मचारियों से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये फैसला

ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि शुक्रवार को नमाज में ताजमहल के अंदर बाहरी लोग भी जा सकें। जिला प्रशासन ने जनवरी, 2018 में केवल स्थानीय मुस्लिमों के प्रवेश की अनुमति दी थी। 

इसके खिलाफ ही कमेटी ने याचिका दी, लेकिन कोर्ट ने सोमवार को दिए गए फैसले में याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा था कि ताजमहल विश्व धरोहर है। नमाजी ताज के पास की किसी भी मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हैं। स्थानीय मुस्लिमों के अलावा किसी बाहरी के प्रवेश पर रोक है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें