हाईकोर्ट बेंच के लिए 17 जनवरी को 17 जिलाें के वकीलों की महापंचायत में बड़ा फैसला हो सकता है। हालांकि स्थान अभी तय नहीं है पर इसमें जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कराने के लिए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिलों की अदालतों में तालाबंदी समेत आंदोलन तेज करने संबंधी कई और निर्णय संभव हैं।
बता दें, चार दिसंबर से आगरा दीवानी में हड़ताल है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद से वकील आगरा मंडल और आसपास के जिलों की दीवानी में भी तालाबंदी पर समर्थन जुटा रहे हैं। उच्च न्यायालय खंडपीठ संघर्ष समिति को कई जिलों और तहसीलों का समर्थन मिल चुका है। मीडिया प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि आसपास के जिलों में समिति का दौरा जारी है। महापंचायत में इन्हीं जिलों की बार एसोसिएशन, आगरा व अलीगढ़ मंडल के सभी सांसद, विधायकों और प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को आमंत्रित किया जा रहा है।
क्षेत्राधिकार स्थानांतरण का अंदेशा भी
एक माह से अधिक समय से न्यायिक कार्य प्रभावित है। ऐसे में अंदेशा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट आगरा के वादकारियों के हित में यहां का क्षेत्राधिकार किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कर दे। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा जनपद न्यायाधीश की रिपोर्ट पर ही संभव है। चूंकि यहां जेल में ही जमानत और रिमांड का कार्य निष्पादित किया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्राधिकार स्थानांतरण की संभावना कम है।