मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ के मंत्री मंडल में ताजनगरी को बड़ी मायूसी मिली। नौ की नौ सीटें भाजपा को मिलने के बावजूद एक भी मंत्री पद नहीं दिया गया। लालबत्ती की दौड़ में एक नहीं, तीन विधायक शामिल रहे लेकिन सभी के अरमां आंसुओं में बह गए। उम्मीद थी कैबिनेट मिनिस्टर मिलने की लेकिन मिला नहीं राज्यमंत्री भी। इतना भी ख्याल नहीं रखा गया कि सपा और बसपा की सरकारों के दौरान ताजनगरी के सिर पर मंत्री पद का ताज सजता रहा है।
यह पहला मौका है जब जिले में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। सारे के सारे उम्मीदवार बड़े अंतरों से जीते। 43 साल बाद ऐसा मौका आया जब जिले से कोई महिला विधायक बनी। ऐसा अवसर तो 55 साल बाद आया जब एक साथ दो महिला जीतीं। बाह से रानी पक्षालिका सिंह और ग्रामीण से हेमलता दिवाकर।
हेमलता की तो जीत भी ऐतिहासिक रही। जितने वोट उन्हें मिले, बाकी सारे उम्मीदवारों के कुल वोट मिलाकर भी उनसे कम रहे। इतिहास एत्मादपुर में भी रचा गया। यह सीट भाजपा ने पहली बार जीती। राम प्रताप चौहान को 137381 वोट मिले। प्रदेश में सबसे ज्यादा वोट पाने वालों में वह आठवें नंबर पर रहे। 26 साल बाद ऐसा मौका जब जिले से एक साथ दो वैश्य विधायक बने। उत्तर से जगन गर्ग और खेरागढ़ से महेश गोयल।
किला फतह का भी ईनाम नहीं
- 2007 और 2012 में जिला बसपा का गढ़ बन गया था। छह-छह विधायक जीत रहे थे। बसपा नेता इसे दलितों की राजधानी कह रहे थे। भाजपा ने बसपा के किले को ढहाकर नया इतिहास रच दिया लेकिन इसका ईनाम नहीं दिया गया।
केंद्र में भी नहीं है आगरा से मंत्री
- आगरा जनपद के दोनों सांसद भाजपा के हैं। आगरा से राम शंकर कठेरिया और फतेहपुर सीकरी से चौधरी बाबूलाल। इनमें से रामशंकर कठेरिया को पहले मंत्री बनाया गया था लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। पूरे ब्रज से केंद्र में आगरा से मंत्री नहीं है।
पूर्व की भाजपा की सरकारों में रहे मंत्री
नाम विभाग कार्यकाल
सत्यप्रकाश विकल परिवहन सहित सात विभाग 1991-93
हरद्वार दुबे संस्थागत वित्त मंत्री 1991-93
डा. रामबाबू हरित स्वास्थ्य मंत्री 1998-2002
अरिदमन सिंह परिवहन मंत्री 1998-2002