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UP: ये हैं राम भक्त हनुमान के उपासक महंत डोरीदास, 40 वर्षों में एक भी बार नहीं निकले मंदिर से बाहर; जानें वजह

Wed, 25 Jun 2025 01:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

 प्राचीन हनुमान मंदिर, लंगड़े की चौकी के महंत डोरीदास उपाध्याय पिछले 40 वर्ष में एक भी बार मंदिर के बाहर नहीं आए। वे राम भक्त हनुमान की सेवा में जुटे रहते हैं। 
 
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महंत डोरीदास उपाध्याय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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वो राम भक्त हनुमान के समर्पित उपासक हैं। त्याग ऐसा कि पिछले 40 वर्षों से मंदिर से बाहर कदम नहीं रखा। 24 घंटे वे हनुमान जी की सेवा और श्रीराम-नाम के जाप में लगे रहते हैं। इन दिनों वे अस्वस्थ हैं। कहते हैं हनुमान जी की शक्ति ने उन्हें कई बार जीवनदान दिया है।
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सिद्ध पीठ प्राचीन हनुमान मंदिर, लंगड़े की चौकी के महंत डोरीदास उपाध्याय जी वैसे तो गृहस्थ संत हैं, लेकिन 40 वर्षों से वे परिवार, समाज से विरक्त हैं। मंदिर की कोठरी ही उनका निवास है। न किसी सामाजिक, धार्मिक कार्य में जाते हैं, न किसी पारिवारिक आयोजन में उपस्थित होते हैं। यहां तक कि अपने पौत्रों के विवाह में भी उन्होंने अपनी कोठरी से ही आशीर्वाद दिया, लेकिन मंदिर के बाहर कदम फिर भी नहीं रखा।

महंत गोपाल गुरु का कहना है कि हर दिन उन्होंने श्रीराम और हनुमान के सहस्र नामों का जाप किया है। अतुलित बलधामं पुस्तक के अनुसार करीब 20 साल तक वे ईंटों का तकिया लगा कर जमीन पर ही सोए। मंदिर के महंत गोविंद उपाध्याय ने बताया कि कई बार मंदिर में अकेले सोने पर बदमाशों ने हमला किया, लेकिन हनुमान जी ने उनकी सदैव रक्षा की है।
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महंत गोपी उपाध्याय गुरु ने बताया कि बड़े महंत जी कई महीने पहले रोग ग्रस्त हो गए और हालत बहुत खराब हो गई। उनका कहना है कि सपने में हनुमान जी आए थे, वे आयु बढ़ा गए हैं, तब से उनकी हालत में सुधार आया, लेकिन आज भी रोग शैय्या पर हैं। आज नाम जप करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।

(प्रस्तुति: आदर्श नंदन गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार)
 
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