कलक्ट्रेट में बुधवार दोपहर करीब तीन बजे महाप्रदर्शन कर रहे कुशवाहा महासभा के सदस्यों पर पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। ये लोग नरेश हत्याकांड में जेल भेजे गए दो लोगों को बेकुसूर बताते हुए उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे। पुलिस पर कलक्ट्रेट का मैन गेट बंद कर प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर बुरी तरह से पीटने का आरोप है। इसके बाद महासभा के जिलाध्यक्ष और भाजपा नेता प्रेम चंद कुशवाहा समेत 10 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है।
नरेश की हत्या सैंया के जाजऊ गांव में पंचायत चुनाव के दौरान एक दिसंबर को की गई थी। उस समय मतदान चल रहा था। पुलिस ने चार लोग गिरफ्तार किए गए। इनमें दो कुशवाहा समाज से हैं। महासभा इन दोनों को निर्दोष बता रही है। इनकी रिहाई और असली गुनहगारों की गिरफ्तारी के लिए 15 दिन पहले महासभा के पदाधिकारी एसएसपी से मिले थे। उन्हें आठ दिन में जांच पूरी कर लिए जाने का भरोसा मिला था, लेकिन रिहाई न होने के चलते बुधवार को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के लिए पहुंचे।
जाजऊ, खेरागढ़, सैंया से आए सैकड़ों लोग प्रतापपुरा पर एकत्र होने के बाद पैदल कलक्ट्रेट पहुंचे। लाउडस्पीकर लगे एक टेंपो पर प्रेमचंद कुशवाहा थे। एमजी रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया। कई लोग डीएम आवास के सामने हंगामा करने लगे तो कई सड़क पर लेट गए। कलक्ट्रेट के सामने भी प्रदर्शन किया।
हटाने का प्रयास करने पर उनकी पुलिस से झड़प हो गई। उस समय तो पुलिस ने कुछ नहीं कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम होने के बाद कलक्ट्रेट के अंदर लाठीचार्ज कर दिया। वे लोग एडीएम सिटी को ज्ञापन दे चुके थे। आरोप है कि पुलिस उन्हें खदेड़ने लगी और फिर बल प्रयोग कर दिया। प्रदर्शनकारी भागने लगे तो गेट बंद कर दिया। इसके बाद गिरफ्तारी की गई। प्रेम चंद कुशवाहा, महिला सभा की मोहिनी कुशवाहा समेत 11 लोग पकड़ लिए गए। हरीपर्वत थाना ले जाकर मोहिनी को छोड़ दिया गया।
बलवे का केस दर्ज किया
एसओ नाई की मंडी उत्तम चंद की ओर से सरकारी कार्य में बाधा और बलवे का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें कुशवाहा महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद कुशवाहा, चेतराम, मनोज कुशवाहा, गिर्राज सिंह, बृजवासी लाल कुशवाहा, श्यामवीर, देवेंद्र सिंह, उदयभान सिंह, मुकेश कुशवाहा, होतम सिंह गिरफ्तार हैं। सभी आरोपियों को गुुरुवार को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।
रंजिश में हुई थी हत्या
नरेश कुशवाहा की हत्या में सात लोग नामजद कराए गए थे। पुलिस ने दो दिसंबर को माधव सिंह और राजवीर कुशवाहा, छह को रतिराम कुशवाहा और नौ दिसंबर को पिंटू सिकरवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का कहना है कि नरेश की हत्या रंजिश में की गई थी। 2014 में रतिराम कुशवाहा के दामाद की हत्या कर दी गई थी। इसमें मृतक नरेश पक्ष के लोगों को नामजद थे।
एमजी रोड पर दो घंटे जाम
एमजी रोड पर रोजाना जाम के हालात रहते हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ से सैकड़ों वाहन फंस गए। इसमें छह से अधिक एंबुलेंस भी शामिल थीं। एक महिला को डिलीवरी के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कलक्ट्रेट से पुलिस लाइन की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ। अन्य मार्ग पर भी जाम लग गया।
वर्जन
कलक्ट्रेट में इस तरह के प्रदर्शन की पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। लोगों की भीड़ से एमजी रोड पर जाम लग गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा है, लाठीचार्ज नहीं किया।
राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी