यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर शहर के गिरजाघरों में उल्लास का वातावरण है। चर्चों से लेकर मसीही समाज के घरों में प्रभु यीशु के आगमन की तैयारी तेजी से चल रही है। घर-घर कैरोल की मधुर धुनें गूंज रही हैं और रंग-बिरंगी रोशनी में सजे क्रिसमस ट्री, पेड़-पौधे व तारे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, वहीं चरनी झांकी लोगों को लुभा रही है।
24 दिसंबर रात को घड़ी में 12 बजते ही यीशु मसीह का जन्म होगा। प्रभु के आगमन पर गिरजाघरों और पादरी टोला सहित अन्य ईसाई मोहल्लों में सतरंगी विद्युत सजावट की गई है। सेंट पीटर्स, सेंट मेरी, सेंट जॉर्ज कैथेड्रल, सेंट पॉल चर्च आदि के प्रवेश द्वार और प्रार्थना स्थलों को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सेंट पीटर्स चर्च परिसर में प्रभु यीशु के जीवन से जुड़ी झांकियां बनाई गई है।
15 फीट ऊंचा क्रिसमस ट्री, सेंटा क्लॉज और यीशु मसीह के जन्म की चरनी सहित आधा दर्जन झांकियां लोगों को आकर्षित करेंगी। शाम ढलते ही कैरोल गान की मधुर धुन से वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण नजर आता है। प्रभु के आगमन पर एक दिसंबर से प्रतिदिन गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना प्रारंभ हो गईं है। कई चर्चों में कैरोल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं और मध्यरात्रि मिस्सा बलिदान पूजा आयोजित की जाएगी।
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