मुख्यालय की औषधि विभाग की टीम के कार्रवाई के बीच दवा माफिया ने दुस्साहस दिखाया। शुक्रवार रात गोदाम पर लगे विभाग के ताले को तोड़कर सैंपल-एक्सपायर्ड दवाओं को बाहर फेंककर भाग गए। शनिवार दोपहर टीम जांच करने पहुंची तो दंग रह गई। पूरी गैलरी दवाओं से भरी थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की अगुवाई में औषधि विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को 20 फर्मों और गोदामों पर छापा मारा था। देर रात होने पर जैन कॉम्प्लेक्स के तीसरी मंजिल पर बने गोदाम पर अपना ताला लगा दिया था। शनिवार को टीम जांच करने पहुंची तो जैन कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर गैलरी में दवाओं से भरे कार्टन पड़े हुए थे। भारी मात्राओं में दवाएं बिखरी हुई थीं।
जांच करने पर ये सैंपल की दवाएं निकलीं। इसमें एंटीबायोटिक, कॉस्मेटिक, त्वचा रोग, सिरप, टैबलेट-कैप्सूल समेत कई तरह की दवाएं मिलीं। ये देखकर टीम सन्न रह गई। भवन स्वामी को मौके पर बुलाया तो उसने गोदाम मालिक का नाम बताया। उसे फोन मिलाया गया लेकिन नंबर बंद मिला। गोदाम मालिक नहीं आने पर टीम ने जांच कर लौट गई। उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बाहर नहीं ले जा सके दवाएं
औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के डर से माफिया की रात में ही गोदाम में भरी दवाएं खाली कर बाहर फेंकने की योजना थी। सामने पुलिस थाना और टीम के सक्रिय होने के चलते ऐसा नहीं कर पाए। ऐसे में गोदाम से दवाएं गैलरी में फेंककर भाग गए।
वर्षों से किराए पर, लाइसेंस का पता नहीं
औषधि विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने भवन स्वामी से गोदाम के मालिक का नाम और कब से किराए पर दिया है, इसकी जानकारी की। भवन स्वामी ने बताया कि 20-30 साल से किराए पर है। लाइसेंस के बारे में पूछा तो भवन स्वामी ने जानकारी नहीं होने की बात कही। आयुक्त ने कहा कि किराए पर गोदाम दिया है, लेकिन यह भी नहीं पता कि यहां गैरकानूनी काम होता है।