रसोई गैस बुकिंग पर फिर से नया अपडेट आया है। केंद्र सरकार ने एलपीजी बुकिंग समयसीमा में बदलाव की खबरों को फर्जी बताते हुए कहा है कि नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की समयसीमा पहले की तरह लागू है
हाल ही में एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग समयसीमा में बदलाव को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बुकिंग नियमों में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है और जो मौजूदा व्यवस्था लागू है, वही जारी रहेगी। सरकार ने इन भ्रामक दावों का खंडन करते हुए नागरिकों से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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नई समयसीमा की खबरों को बताया भ्रामक
मंत्रालय के अनुसार, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए जा रहे थे कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) कनेक्शन के लिए 45 दिन, गैर-पीएमयूवाई सिंगल सिलिंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलिंडर के लिए 35 दिन की नई समयसीमा लागू की गई है। सरकार ने इन दावों को सरासर गलत और भ्रामक करार दिया है।
रीफिल बुकिंग की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि एलपीजी रीफिल बुकिंग की मौजूदा समयसीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी। शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह समयसीमा 25 दिन है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह 45 दिन है। यह नियम सभी प्रकार के एलपीजी कनेक्शनों पर समान रूप से लागू होगा।
दरअसल, मंलवार को खबरें आईं कि रसोई गैस सिलिंडर के बुकिंग अंतराल में तेल कंपनियों ने बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग तय की गई थी।
पांच किलो का 'छोटू' सिलिंडर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 16 दिन में, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को 9 दिन में मिलने की जानकारी सामने आई थी। गैस की कालाबाजारी रोकने और खपत के सटीक आकलन के लिए जारी इस नई सूची का सबसे बड़ा असर जिले के 3.41 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ना था।
भ्रामक खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर की बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया था। वहीं, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन निर्धारित की गई थी। 10 किलो वाला कंपोजिट सिलिंडर 18 दिन में मिलने की खबर सामने आई थी।
गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला
वहीं, एक सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 25 दिन तय करने की जानकारी मिली थी। वहीं, आगरा में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर मचे घमासान के बीच जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सिलिंडर सप्लाई करने वाली ऑयल कंपनियों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ अहम बैठक की।
बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने साफ कर दिया कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनके औसत उपभोग का केवल 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित किया जाएगा।
बैठक में डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलिंडरों की किल्लत के बीच यदि कोई एजेंसी, बिचौलिया या व्यक्ति जमाखोरी या घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि इस नई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।