आगरा में तीन तूफानों ने जिले में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मकान, पशु, फसल नुकसान ही नहीं, जनहानि भी हुई हैं। प्रशासन ने इसका आकलन कराया है। इसके अनुसार, शासन से अब तक 59.10 करोड़ मिल चुका है।
11 अप्रैल को आए तूफान ने सबसे ज्यादा किरावली तहसील में तबाही मचाई थी। यहां फसल बर्बाद हो गई थी। प्रशासन ने यहां 33 करोड़ की फसल बर्बाद होने का आकलन किया था।
इसी तरह से सभी छह तहसीलों की रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। इस पर शासन ने 52.60 करोड़ रुपये मुआवजा वितरण के लिए जारी कर दिए थे। इसके बाद 2 मई को तूफान और बारिश ने तबाही मचाई।
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इस पर निशाने पर रही खेरागढ़ तहसील। यहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। 9 मई को एत्मादपुर तहसील अंतर्गत क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हुआ।
इस पर प्रशासन ने पहले 4 करोड़ और बाद में 2.5 करोड़ शासन से मांगे थे। ये धनराशि प्रशासन को मिल चुकी है। मुआवजा वितरण काम चल रहा है।
जनहानि, घायल, पशु हानि और मकानों को हुई क्षति के अधिकांश पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है। फसल हानि का मुआवजा वितरण को लेकर अभी तेजी नहीं आ पा रही।
तूफान को लेकर प्रशासन ने फिर जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग की जानकारी के बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 13-14 मई को संभावित तूफान को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
सभी उपजिलाधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेट, लेखपाल, पार्षद और प्रधानों के माध्यम से संभावित आंधी, तूफान से जन सामान्य को सचेत करने के लिए कहा गया है। ताकि वे अपने परिवार, पालतू पशु, मकान आदि को सुरक्षित कर सकें।
प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि तूफान के समय वाहन न चलाएं। किसी पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग से दूर रहें। यदि भवन की हालत अच्छी हो तो घर से बाहर न निकलें। विद्युत उपकरणों से दूर रहें।