लॉकडाउन ने एक बार फिर पेठा कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। 55 घंटे की बंदी में लगभग आठ लाख रुपये कीमत का 10 टन कुम्हड़ा सड़ गया है। पूर्व में भी उद्योग को इसी तरह का नुकसान हो चुका है। इसमें माल खराब होने के साथ चूहों ने सुरंगें खोद दीं थी। एक बार फिर कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा है। नूरी दरवाजा स्थित कई गोदामों में रखा हुआ फल खराब हो चुका है।
ये नुकसान माफी बड़ा
दो दिन के लॉकडाउन में आठ लाख रुपये कीमत का 10 टन खराब हो चुका है। ये नुकसान काफी बड़ा है। राजेश बंसल, कारोबारी
शुक्रवार को आया था फल
शुक्रवार को ही कुम्हड़ा गोदामों में रखवाया था। इससे माल तैयार कर आपूर्ति होनी थी। मगर, दो दिन की बंदी से बिक्री तो दूर की बात माल भी खराब हो गया। -
इरफान, कारोबारी
पानी में बदल जाता है कुम्हड़ा
कच्चा फल ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाता है। दो दिन में फल पानी जैसा होने लगता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ।
राकेश मितल, कारोबारी। राकेश बंसल, कारोबारी।