श्रीरंगनाथ मंदिर दिव्यदेश के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में आज विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रथ का मेला 26 मार्च को आयोजित किया जाएगा।
रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के तहत सोमवार सुबह भगवान गोदारंगमन्नार ने स्वर्ण निर्मित सूर्य प्रभा पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन दिए। शाम को चांदी के हंस पर भगवान की शोभायात्रा निकाली गई।
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श्रीरंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान स्वर्ण निर्मित सूर्यप्रभा पर विराजित हुए। ठाकुर जी की इस अद्भुत छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ठाकुर जी के विराजमान होने से पूर्व दक्षिण भारतीय वेदपाठी विद्वानों ने वैदिक पद्धति से पूजा कराई। इसके बाद रंगनाथ भगवान की जय-जयकार के साथ ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देने निकले।
जगह-जगह पर आल्हादित भक्तों ने कपूर आरती उतारकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में मनमोहक रंगोलियां सजाईं गईं। सवारी मंदिर से बड़ा बागीचा पहुंची, वहां विश्राम के बाद दोबारा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर परिसर में ठाकुरजी के चल विग्रह का तिरुमन्जन कर प्रसाद निवेदित किया गया। शाम को मंदिर परिसर से चांदी के हंस पर भगवान गोदारंगमन्नार की शोभायात्रा निकाली गई।
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ब्रह्मोत्सव में आज
धार्मिक नगरी के प्रसिद्ध श्रीरंगनाथ मंदिर में निर्धारित मुहूर्तानुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से प्रारंभ होकर आगामी दस दिनों तक जारी रहता है। ब्रह्मोत्सव में 22 मार्च मंगलवार को भगवान गोदारंगमन्नार सुबह गरुणजी पर और शाम को हनुमानजी पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं शाम को छोटी आतिशबाजी का आयोजन होगा।