15 दिन से श्री हरि के दर्शन को आतुर नयनों ने जैसे ही श्री जगन्नाथ जी के दर्शन किए तो भक्तों के मन के भाव आंखों से बहने लगे। नयन उत्सव में श्वेत पोशाक व मोगरे के पुष्पों से सजे श्री हरि की बहन सुभद्रा व भाई बलराम के साथ अलौकिक दर्शन पाकर मानो जीवन धन्य हो गया।
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पट खुलते ही हरि बोल के जयकारों संग भगवान की भक्ति में सैकड़ों हाथ उठ गए। पूरे दिन श्रीजगन्नाथ जी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। जगन्नाथ जी की प्रिय स्तुति गीत गोविंद व जगन्नाथ अष्टकम के साथ हरे रामा, हरे कृष्णा के कीर्तन पर भक्त खूब झूमें। श्री हरि के दर्शन के साथ प्रारम्भ हुआ जगन्नाथ जी का भात, भंडारा देर रात तक चला।
बीमारी के कारण 15 दिन विश्राम करने के बाद बुधवार को नयनोत्सव में श्री जगन्नाथ जी ने भक्तों को दोपहर 12 बजे भोग आरती के साथ दर्शन दिए। 300 पकवानों का भोग लगाया गया, जिसे भक्तों द्वारा मंदिर में परिसर में ही पकाया गया था। बीमारे से उठे भगवान का कलकत्ता से आई कटक सिल्क की पोशाक व सफेद फूलों व चंदन से हल्का श्रृंगार किया गया।
मंदिर अध्यक्ष अरविंद स्वरूप दास ने बताया कि नयनोत्सव में मौके पर पांच विशेष आरती हुई, जिसमें दोपहर 12 बजे भोग आरती, शाम 4.30 बजे उत्थापन आरती, शाम 7 बजे गौर आरती, 8.30 बजे शयन आरती व रात 9 बजे बड़ा श्रृंगार आरती की गईं।
नयन उत्सव कार्यक्रम में मुख्य रूप से इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप, राहुल बंसल, नितेश अग्रवाल, कांता बाबू, गौरव बंसल, महावीर मंगल, केशव अग्रवाल, अमित मित्तल, अखिल बंसल, रमेश यादव, केशव अग्रवाल, डॉ. मयंक मित्तल, सिद्धार्थ गुप्ता, ओमप्रकाश अग्रवाल, अमित बंसल, राजीव मल्होत्रा, सूरज वर्मा, राजीव गुप्ता, बृजेश अग्रवाल, इंद्र कुमार बबेजा, अनिल शर्मा, भरत शर्मा, अखिल मोहन मित्तल, रमेश यादव, राजीव मल्होत्रा, सूरज वर्मा, अजय तिवारी, विपिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।