43 लाख की लूट के मामले में गिरफ्तार पुलिस का सिपाही
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर और वाणिज्यकर अधिकारी की गिरफ्तारी को शासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिल गई है। आरोपी अधिकारियों के रिश्तेदार और परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी अधिकारी घरों से फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
सिपाही ने कबूली कार को रोकने की बात
आरोपी सिपाही संजीव कुमार से एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद और सीओ सदर राजीव कुमार ने कई घंटे पूछताछ की। उसने बताया कि एक कार को रोका था। इसके बाद अधिकारी उसे कार्यालय लेकर आए थे। इसके बाद क्या हुआ, उसे नहीं पता। रुपये किसके पास हैं, इस बारे में कुछ नहीं पता।
आरोपी अधिकारी निलंबित
थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शुक्रवार को जीएसटी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने केस के संबंध में जानकारी की। उन्हें पता चला कि आरोपी असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार और वाणिज्यकर अधिकारी शैलेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उन्हें मिर्जापुर और बांदा अटैच किया गया है। सिपाही गाजियाबाद से ट्रांसफर पर आया था। उसके निलंबन के लिए संबंधित जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। आरोपी चालक प्राइवेट है। इसलिए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई संभव नहीं थी। उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वह भी घटना में शामिल रहा है।
दो और अफसर और निलंबित
प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार करने वाले वाणिज्यकर अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मथुरा के चांदी के व्यापारी प्रदीप कुमार अग्रवाल से 43 लाख रुपये छीनने के प्रकरण में वाणिज्य कर विभाग के दो और बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-दो (एसआईबी) डीएन सिंह व ज्वांइट कमिश्नर (एसआईबी) अभिषेक श्रीवास्तव शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर संजीव मित्तल ने मंगलवार को दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि इस प्रकरण में पहले भी चार लोगों को निलंबित किया जा चुका है।
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