14 साल (2001) बाद रविवार को सूर्यग्रहण पड़ने जा रहा है। 21 जून का यह ग्रहण इस साल का सबसे लंबा होगा। दस मिनट तक दिन में अंधेरे जैसी स्थिति हो जाएगी। इसका सूतक शनिवार की रात में लग जाएगा। ग्रहण होने से चूड़ामणि योग बन रहा है।
संवत 2077 आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या को यह खंडेग्रास / कंकड़ाकृति सूर्यग्रहण होगा। यह नक्षत्र मृगशिरा एवं आद्रा तथा मिथुन राशि मंडल पर मान्य है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि ग्रहण सुबह 10:09 बजे शुरू होगा। 11:47 बजे इसका मध्य काल होगा।
1:36 बजे मोक्ष यानी समापन का समय होगा। ग्रहण के बाद दान तीन बजकर 27 मिनट तक किए जा सकेंगे। ग्रहण का सूतक 20 जून की रात्रि दस बजे से लग जाएगा।