एटा जिले का अलीगंज विधानसभा क्षेत्र ऐसा है, जहां मतदान कार्मिक ड्यूटी करने से कतराते हैं। ऐसा इसलिए कि पिछले चुनावों के दौरान अलीगंज क्षेत्र में हिंसा और रीपोल जैसे मामले सामने आए हैं। इसके कारण मतदान कार्मिक अलीगंज विस क्षेत्र में ड्यूटी करने से बचते रहे हैं। वहीं अब तक जिला प्रशासन के पास ड्यूटी कटवाने के लिए सैकड़ों आवेदन आ चुके हैं।
जिनमें अधिकतर को निरस्त कर दिया गया है। मेडिकल बोर्ड की अनुमति के बाद ही ड्यूटी काटी जा रही है। वहीं कर्मचारियों के लिए कोई बीमा नहीं कराया गया है। बताया जाता है कि सरकारी सेवा में आने के बाद कर्मचारियों के लिए कराए जाने वाले बीमा का ही लाभ दिया जाएगा।
सीडीओ एटा उग्रसेन पांडेय ने कहा कि ड्यूटी कटवाने के आवेदन आ रहे हैं। जिनको मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जा रहा है। विशेष परिस्थिति में ही ड्यूटी काटे जाने का प्रावधान है। सॉफ्टवेयर से ड्यूटी तय होने से ड्यूटी काटना सरल नहीं है।
मैनपुरी में बन्नदल, चौघरा और पतारा में लगता है डर
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में तीन क्षेत्रों में मतदान के दिन मतदान कार्मिक चुनाव ड्यूटी करने से हमेशा कतराते हैं। प्रधानी से लेकर सांसदी तक के चुनाव में मतदान कार्मिकों को इन क्षेत्रों में ड्यूटी करने में डर सताता है। बन्नदल, चौघरा और पतारा क्षेत्र के हालात ऐसे ही हैं।
मतदान के दिन अक्सर इन क्षेत्रों में सपा और भाजपा समर्थकों में भिड़ंत हो जाती है। 1996 के लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन पतारा क्षेत्र में एक भाजपा और एक सपा समर्थक की हत्या तक कर दी गई थी। यहां मतदान कार्मिक बनाए गए 355 कर्मचारियों ने अभी तक चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किया है।
मैनपुरी के कार्मिक प्रभारी अधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि जिन मतदान कार्मिकों ने ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किए हैं। उनके लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही जरूरी होने पर संबंधित मतदान कार्मिक को चुनाव ड्यूटी से अलग किया जाएगा।
जसराना और सिरसागंज से भी कतराते हैं कर्मचारी
फिरोजाबाद जिले के जसराना एवं सिरसागंज विधानसभा में ड्यूटी करने से सर्वाधिक कर्मचारी घबराते हैं। क्योंकि ये क्षेत्र एक जाति विशेष बहुल होने के साथ-साथ प्रत्येक चुनाव में यहां बवाल होता है। विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हो या फिर पंचायत चुनाव। प्रत्येक चुनाव में यहां बवाल होते ही रहे।
इसके साथ ही कर्मचारियों के आवागमन के साधन भी काफी मुश्किल से मिलते हैं। क्योंकि मतदान समाप्त होने के बाद अधिकांश स्टाफ को घर भागने की जल्दी होती है। जबकि फिरोजाबाद, टूंडला व शिकोहाबाद विधानसभा में ऐसी दिक्कत नहीं होती है। क्योंकि इन तीन विधानसभाओं के मतदान केंद्र रोड के काफी करीब हैं। प्रमुख मार्ग होने के कारण वाहन आसानी से मिल जाते हैं। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों की बीमा कराया जाता है।
प्रशासन के पास अभी तक करीब 1400 से अधिक आवेदन पत्र ड्यूटी कटवाने के लिए पहुंच गए। इनमें 1000 हजार पूर्व में आए थे करीब 400 अभी आ गए हैं। सहायक कार्मिक प्रभारी श्रीकिशन शर्मा ने कहा कि सभी कर्मचारियों का बीमा कराया जाता है। करीब 1400 आवेदनपत्र ड्यूटी कटवाने के आए हैं। इनकी जांच पड़ताल की जा रही है।