एक साथ आए मायावती और मुलायम सिंह यादव
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सपा के सबसे मजबूत किले मैनपुरी में भाजपा एक बार फिर छटपटाती नजर आ रही है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने इसे अपना आखिरी चुनाव बताकर भाजपाई खेमे का तनाव बढ़ा दिया है। मैनपुरी उस ऐतिहासिक सियासी घटनाक्रम का गवाह होकर और खास हो गया, जब 24 साल की तल्खी भुलाकर मायावती और मुलायम ने यहां रैली में मंच साझा किया।
माया ने गठबंधन प्रत्याशी मुलायम के लिए वोट मांगे। दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार प्रेम सिंह शाक्य परंपरागत वोटरों के भरोसे मोदी की माला जप रहे हैं। उनकी उम्मीदें सिर्फ मोदी के नाम के चमत्कार पर टिकी हैं। यह अलग बात है कि 2014 की मोदी लहर में भी मुलायम की बड़ी जीत हुई थी। मुलायम के सीट छोड़ने पर उप चुनाव में सपा के तेज प्रताप ने प्रेम सिंह शाक्य को हराया था।
मुलायम सिंह यादव को यादव वोट के साथ ही गठबंधन के समीकरण और अपनी पकड़ पर भरोसा है। कांग्रेस ने मुलायम के सामने उम्मीदवार नहीं उतारा है। आखिरी चुनाव की दुहाई देकर वह जनता से भावनात्मक रिश्ता बनाने की कोशिश में हैं। वहीं सपाई 19 अप्रैल को क्रिश्चियन मैदान में गठबंधन की साझा रैली में उमड़ी भीड़ देखकर भी गदगद हैं।