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लोकसभा चुनाव 2024: आगरा में किसके बीच संघर्ष? सीकरी में बीजेपी विधायक की बगावत से समीकरण उलझे

Wed, 24 Apr 2024 11:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा और फतेहपुर सीकरी सीटों पर बहुकोणीय संघर्ष की तस्वीर सामने आ रही है। हालांकि फतेहपुर सीकरी सीट पर भाजपा विधायक की बगावत से समीकरण उलझे हुए हैं।  
 
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आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीटों पर नाम वापसी के बाद मुकाबले की तस्वीर साफ हो चुकी है। आगरा (सुरक्षित) सीट पर भाजपा, बसपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच त्रिकोणीय संघर्ष होना तय है तो वहीं फतेहपुर सीकरी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रामेश्वर चौधरी के परचा वापस नहीं लेने पर मुकाबला चतुष्कोणीय हो गया है।
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आगरा लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबले में अब भाजपा के प्रत्याशी प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, बसपा की प्रत्याशी पूजा अमरोही और गठबंधन के सुरेशचंद्र कर्दम के अलावा कोई कद्दावर उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा है। अन्य उम्मीदवारों में आदर्श समाज पार्टी से रिटायर्ड आईएएस चंद्रपाल, पीपीआई (डेमोक्रेटिक) से आराम सिंह, कुलदीप कुमार, सर्वेश गौतम और जितेंद्र गौतम भी विभिन्न दलों से मैदान में हैं। अन्य तीन निर्दलीय प्रत्याशी हैं। ऐसे में आगरा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है।

फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर, कांग्रेस-सपा गठबंधन से रामनाथ सिंह, बसपा से रामनिवास शर्मा और भाजपा के विद्रोही प्रत्याशी चौधरी रामेश्वर निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। अन्य सात उम्मीदवारों भी मैदान में हैं। अब सीकरी का संग्राम और दिलचस्प हो चला है। माना जा रहा था कि आखिरी वक्त तक रामेश्वर का परचा वापस करा लिया जाएगा मगर ऐसा नहीं हो सका।
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बगावत बाद भाजपा विधायक का दिल्ली में डेरा
फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल की भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ खुलेआम बगावत के बाद भी अनुशासित मानी जाने वाली भाजपा में अंदरखाने उन्हें मनाने की तैयारी चल रही हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री की चुनावी सभा के दौरान भी होर्डिंग में विधायकों के साथ उनका फोटो भी लगाया हुआ था। इसी दौरान चौधरी बाबूलाल को नेतृत्व ने दिल्ली तलब कर लिया। वह दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली मुलाकात के बाद तस्वीर कुछ साफ हो सकती है। हालांकि पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी इस मामले में कोई भी बयान देने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसे सुलझा लिया जाएगा।
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