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मैनपुरी लोकसभा सीटः सपा के आगे मुरझा गया था 'कमल', कुछ ऐसा रहा है यहां का इतिहास

Thu, 23 May 2019 08:45 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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मुलायम सिंह यादव
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सैफई परिवार की इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी अपनी सम्मान की लड़ाई लड़ रही है। मैनपुरी में मुलायम को मात देना भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव इस सीट पर चार बार सांसद रह चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी का कमल इस सीट पर कभी भी नहीं खिल सका है। 
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भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी 2014 के चुनाव में तीन लाख से अधिक वोटों से हारे थे। इस चुनाव में भाजपा को सिर्फ 2,31,252 वोट मिले थे, जबकि मुलायम सिंह ने 5,95,918 वोट हासिल किए। तब भाजपा ने शत्रुघ्न सिंह चौहान को चुनाव लड़ाया था।

आजमगढ़ से भी मुलायम जीते थे। इसलिए उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ी थी। यहां उपचुनाव हुआ और मुलायम के पौत्र तेजप्रताप सिंह ने रिकॉर्ड जीत हासिल की। तेज प्रताप सिंह ने इस चुनाव में 6,53,786 वोट हासिल किए। भाजपा के प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य को 3,21,249 वोट से हराया था। 
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समाजवादी पार्टी की साइकिल की रफ्तार इस सीट पर कभी धीमी नहीं पड़ी। वर्ष 1996 से अब तक मैनपुरी में साइकिल ने हर रेस जीती है। साल 1996 में मुलायम सिंह ने भाजपा के उपदेश सिंह चौहान को हराया था।

साल 2009 में मुलायम सिंह के आगे भाजपा को बड़ी हार मिली थी और तृप्ति शाक्य तीसरे स्थान पर रहीं थी। बसपा ने यहां दूसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2004 में बहुजन समाज पार्टी के अशोक शाक्य दूसरे स्थान पर रहे और मुलायम सिंह ने फिर से बाजी मारी। मुलायम सिंह ने ये सीट छोड़ दी तब भतीजे धर्मेंद्र यादव उपचुनाव के लिए मैदान में उतरे और सांसद बने।
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